राम के रंग में रंगने की कोशिश में कांग्रेस, याद आई राजीव गांधी की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Aug 2020 05:52 AM IST
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Rajiv gandhi
Rajiv gandhi - फोटो : social media

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राम मंदिर का भव्य भूमिपूजन आज अयोध्या में होने जा रहा है। अयोध्या नगरी पूरी तरह से रोशनी से जगमगा रही है। लेकिन इस पवित्र आयोजन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कभी राम मंदिर आंदोलन का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विरोध करने वाले नेता भी अब पक्के राम भक्त बनते नजर आ रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन के पहले कांग्रेस भी राम के रंग में रंग गई है।
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कांग्रेस पार्टी भी समझ रही है कि इस भूमिपूजन से भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़ा राजनीतिक लाभ मिलने जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस भी इस भूमिपूजन में जनता के सामने खुद को सबसे बड़ा रामभक्त बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अब इस मुद्दे पर जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की याद आने लगी। हालांकि राजीव गांधी के अलावा कांग्रेस के पास ऐसा कोई नेता भी नहीं हैं जिसके सहारे कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर सके।
बता दें कि 1986 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उत्तरप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह को मनाया और राम जन्मभूमि मंदिर के ताले खुलवाए। और फिर लोगों को भगवान श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला। 1985 में दूरदर्शन ने राजीव गांधी के कहने पर रामानंद सागर के रामायण का प्रसारण किया। चेन्नई में अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राजीव गांधी से राम मंदिर पर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि इस पर आम राय बनाने की कोशिशें जारी हैं। अयोध्या में ही राम जन्मभूमि मंदिर बनेगा।
अब इस पवित्र भूमिपूजन के अवसर पर राजीव गांधी द्वारा 1986 में उठाए गए कदम कांग्रेस को संजीवनी बूटी के समान लग रहा है। कांग्रेस इस मौके पर इसे बखूबी भुना रही है।  

कांग्रेस महासचीव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि भगवान राम सब में हैं और सबके हैं। ऐसे में पांच अगस्त को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहा भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बनना चाहिए।

कमलनाथ ने किया हनुमान चालीसा का पाठ, भेजी 11 ईंटें

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला ने कहा, मैं भूमिपूजन से 24 घंटे पहले कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज करूंगा, लेकिन इतना कहूंगा कि राजनीति का धर्म होना चाहिए, धर्म की राजनीति नहीं, यही राम की मर्यादा है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री जतिन प्रसाद ने कहा, हर हिंदू के लिए और व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए यह आस्था की बात है। मुझे खुशी है कि राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। दूसरी ओर, एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भोपाल में निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ किया और कहा, हम 11 चांदी की ईंटें अयोध्या भेज रहे हैं। कल वह एतिहासिक दिन है, जिसका पूरा देश इंतजार कर रहा था। 

क्या धर्म और भगवान सिर्फ भाजपा के?

कमलनाथ ने कहा, भारत की संस्कृति सभी को जोड़ने वाली है। यहां विभिन्न भाषाएं, विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। यह हमारी पहचान है। हम जब भी कुछ करते हैं, भाजपा के पेट में पता नहीं क्यों दर्द शुरू हो जाता है। क्या धर्म और भगवान पर उनका पेटेंट है, उनका ठेका है, उन्होंने धर्म की एजेंसी ली हुई है क्या? कमलनाथ ने कहा कि मैंने छिंदवाड़ा में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की। हमने अपनी सरकार में गौशालाएं बनवाईं, राम वन गमन पथ के निर्माण की बाधाएं दूर कीं, महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर के विकास की योजना बनाई है।


तुष्टिकरण के आरोपों से पीछा छुड़ाने की कोशिश

कांग्रेस लंबे समय से अपने ऊपर लगने वाले मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोपों से पीछा छुड़ाने के प्रयास में है। इसी क्रम में पार्टी खुलकर हिंदू हित की बात करना चाहती है और उसे धार्मिकता दिखाने से परहेज नहीं है। दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के लिए बनी एके एंटनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने खुद को बदलने का काम शुरू किया था। कमेटी ने कहा था कि हार का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस का हिंदू मतदाताओं से दूर जाना है। इसके बाद गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के प्रचार अभियान में हिंदुत्व की धार दी गई। अब राम मंदिर के बहाने पार्टी इस अभियान को और गति देना चाहती है।


दिग्विजय सिंह ने कहा-राजीव गांधी चाहते थे कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने  

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी चाहते थे कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बने और 'रामलला' वहां विराजें। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट के जरिए यह बात कही है। दिग्विजय ने यह बात अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन से ठीक पहले कही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने लिखा है 'हमारी आस्था के केंद्र भगवान राम ही हैं! और आज समूचा देश भी राम भरोसे ही चल रहा है। इसीलिए हम सबकी आकांक्षा है कि जल्द से जल्द एक भव्य मंदिर अयोध्या राम जन्म भूमि पर बने और राम लला वहां विराजें। स्व. राजीव गांधी जी भी यही चाहते थे।'

पीवी नरसिम्हा राव के बाद राम को भूली कांग्रेस...

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