फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajya Sabha: Opposition targeted government, said Not enough provision in budget for SC ST welfare

राज्यसभा: विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- एससी एसटी कल्याण के लिए बजट पर्याप्त नहीं 

Wed, 12 Feb 2020 02:56 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 12 Feb 2020 02:56 AM IST
विज्ञापन
Rajya Sabha: Opposition targeted government, said Not enough provision in budget for SC ST welfare
rajyasabha

राज्यसभा में मंगलवार को बजट पर चर्चा के दौरान सांसदों ने एससी एसटी कल्याण के लिए बजट में अपर्याप्त प्रावधान किए जाने का मुद्दा उठाया। मनोनीत सदस्य नरेंद्र जाधव ने कहा, बजट में एसटी एससी के लिए महज 83257 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले बजट से महज 2.35 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा सरकार को इसके लिए और राशि आवंटित करनी चाहिए थी। 

विज्ञापन


आईयूएमलएल सदस्य अब्दुल वहाब ने कहा, बजट में अल्पसंख्यकों के साथ इंसाफ नहीं हुआ है। सरकार ने उन्हें पूरी तरह नजरंदाज किया है। कांग्रेस की अमी याजनिक ने कहा, सरकार का स्किल इंडिया पूरी तरह फेल हुआ है। छह करोड़ सूक्ष्म उद्योग बंद हो गए हैं और 5000 अमीर देश छोड़कर चले गए हैं। सरकार केवल विकास का फर्जी डाटा पेश कर रही है।
विज्ञापन


वहीं कांग्रेस के मोहम्मद अली खान ने कहा कि मौजूदा सरकार में राज्य सरकारें कमजोर हो रही हैं। कांग्रेस के ही प्रताप सिंह बाजवा ने कहा देश की अर्थव्यवस्था में कृषि छेत्र की हिस्सेदारी 1990 में 30 फीसदी से घटकर 13.9 फीसदी रह गई है। उन्होंने सरकार से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने की मांग की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने विकास का बजट पेश किया : अल्फोंस 
भाजपा सदस्य केजे अल्फोंस ने कहा, सरकार ने विकास का समग्र बजट पेश किया है। ये सरकार की पहल का नतीजा है कि लड़कियों को शिक्षा हासिल होने लगी है। प्राथमिक स्तर पर 93 फीसदी, माध्यमिक में 83 फीसदी और उच्च माध्यमिक में 53 फीसदी लड़कियों ने पंजीकरण कराया है। 

बजट के विनिवेश लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल 
टीआरएस के के केशव रॉव ने कहा, बजट में महत्वाकांक्षी विनिवेश लक्ष्य स्थापित किया गया है जिसे हासिल करना मुश्किल है। बजट में दोहरी कर प्रणाली का लाभ सबसे अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट को होगा। उन्होंने कहा, सरकार ने करों के हस्तांतरण में राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। 

बजट पर विपक्ष की आलोचना आधारहीन : भाजपा 
कांग्रेस के ‘अक्षम डॉक्टरों’ वाले बयान पर हमला बोलते हुए भाजपा ने मंगलवार को कहा कि बजट को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का कोई आधार नहीं है। विपक्ष ने पूरी तरह गलत व्याख्या की है। भाजपा सदस्य अश्विनी वैष्णव ने कहा, बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। ये विकास वाला बजट है। खर्च बढ़ने से मांग में वृद्धि होगी और सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र में खर्च करने की आदत को बढ़ाने के प्रावधान किए हैं। विपक्ष पर तंज करते हुए उन्होंने कहा हमारा डॉक्टर भी ठीक है और उपचार भी। विपक्ष सिर्फ वोटबैंक की राजनीति करता है जबकि हम सबका विकास सबका साथ की भावना से काम करते हैं। 

पिछली यूपीए सरकार की गलतियों को सुधारा 
भाजपा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने कहा, बजट में पिछली यूपीए सरकार की गलतियों को सुधारा गया है। पिछली सरकार ने अर्थव्यवस्था का बुरा हाल कर दिया था। कई घोटालों से देश को आर्थिक संकट में ढकेला था। हमारी सरकार धीरे धीरे इन गलतियों को सुधार रही है और अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लेकर आ रही है। उन्होंने कहा सरकार ने शानदार बजट पेश किया है जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।

कर्नाटक की दो जनजातियां एसटी श्रेणी में होंगी शामिल 

कर्नाटक की दो जनजातियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने का रास्ता मंगलवार को संसद में साफ हो गया। संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2019 मंगलवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। राज्यसभा में पहले ही इस विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है। इस विधेयक में परिवारा और तलवाड़ा जनजाति समुदायों को एसटी श्रेणी में शामिल करने का और आरक्षण लाभ देने का प्रावधान है।

इसके अलावा उत्तर कन्नड़ जिले को छोड़कर बेलगावी, धरवाड़ की सिद्दी जनजाति को भी एसटी श्रेणी में शामिल किया जाएगा। आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, अभी यह बिल एक राज्य के लिए लाया गया है लेकिन मैं सभी सदस्यों को भरोसा दिलाता हूं कि उनके राज्यों के विभिन्न समुदायों को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग पर सरकार विचार कर रही है और इसके लिए बहुत जल्द एक बिल लाया जाएगा।

शिवसेना के अरविंद सावंत और एनसीपी की सुप्रिया सुले ने महाराष्ट के डांगर समुदाय को एसटी में शामिल करने की मांग की। हालांकि केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा डीएमके के डीएनवी सेंथिलकुमार, भाजपा के निशिकांत दुबे, बीजद के अनुभव मोहंती और कांग्रेस के मनिक्कम टैगोर ने भी अपने अपने राज्यों में कुछ समुदायों को एसटी श्रेणी में शामिल करने के लिए एक अलग बिल लाने की मांग की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इसका समर्थन किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed