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Rajya Sabha: राज्यसभा सांसद को 'लुंगी वाला' कहा गया, सभापति हुए नाराज; दी सांसदों को सख्त हिदायत

Wed, 12 Aug 2026 01:18 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 12 Aug 2026 01:18 PM IST
सार

सीपीआईएम नेता जॉन ब्रिटास ने दावा किया है कि उन्हें एक सांसद ने लुंगी वाला कहा। उन्होंने इसकी शिकायत सभापति से की। जिस पर सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने सांसदों को नसीहत दी कि सांसदों को एक दूसरे की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। 

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rajya sabha mp john britas complain to vice president he called lungi wala
जॉन ब्रिटास ने की सभापति से शिकायत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यसभा में बुधवार को सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि एक सदस्य द्वारा उन्हें 'लुंगी वाला' कहा गया। उन्होंने ऐसा कहे जाने पर आपत्ति जताई और इसे सदन की गरिमा और सम्मान से जोड़ा। जॉन ब्रिटास ने कहा, 'भारी मन से मैं यह मुद्दा उठा रहा हूं, क्योंकि यह इस सदन की गरिमा, प्रतिष्ठा और सम्मान का सवाल है। यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी दलों से जुड़ा मुद्दा है।'
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क्या बोले जॉन ब्रिटास
उन्होंने कहा कि मैं एक भारतीय, दक्षिण भारतीय और निश्चित रूप से एक गर्वित मलयाली हूं। इस पर सभापति ने टोकते हुए कहा कि कोई दक्षिण भारतीय या उत्तर भारतीय नहीं होता, हम सभी सिर्फ भारतीय हैं। ब्रिटास ने अपनी भाषा, संस्कृति और खान-पान व पहनावे पर गर्व जताते हुए कहा कि भारतीय संविधान देश की विविधता का सम्मान करता है। उन्होंने कहा, 'अगर आप मुझसे पूछें कि जब मैं इस सदन से विदा होऊंगा, जो बहुत जल्द हो सकता है, तो इस सदन से मेरी सबसे बड़ी सीख क्या होगी, तो मैं निश्चित रूप से कहूंगा कि वह विविधता होगी। यही विविधता इस देश की एकता को एक अनूठे तरीके से कायम रखती है।'
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उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एक ऐसी सदस्य, जिनका वह बहुत सम्मान करते हैं, जब वह वैधानिक प्रस्ताव के प्रस्तावक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ब्रिटास ने आरोप लगाया और कहा, 'हम एक-दूसरे से बहस कर सकते हैं, मौखिक तकरार भी हो सकती है। लेकिन उन्होंने बार-बार मुझे 'लुंगी वाला, लुंगी वाला' कहकर संबोधित किया।'
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जेपी नड्डा बोले- हर राज्य की वेशभूषा का करते हैं सम्मान, दूसरा पक्ष भी सुना जाए
नेता सदन जेपी नड्डा ने लुंगी वाला विवाद पर कहा कि हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान करते हैं। हम ऐसी बातों का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि, नड्डा ने यह भी कहा कि इस मामले में सांसद सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। उन्होंने सभापति से आग्रह किया, 'सुष्मिता देव को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। सुष्मिता देव को बोलने की अनुमति दें।'

गौरतलब है कि सुष्मिता देव भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र की एकता के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि एक पक्ष के सदस्य द्वारा दूसरे सदस्य पर आरोप लगाए जाने के बाद विरोध की स्थिति बनी है। उन्होंने दूसरे पक्ष को भी सुनने की मांग की।

उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की बात भी रिकॉर्ड पर आनी चाहिए। रिजिजू ने कहा कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और किसी एक सदस्य की शिकायत के आधार पर दूसरे सदस्यों को अपनी बात रखने से नहीं रोका जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह के भेदभाव के बिना राष्ट्र की एकता के पक्ष में हैं।' रिजिजू ने यह भी कहा कि कुछ अन्य सांसद इस संबंध में एक बयान देना चाहती हैं। इन महिला सांसदों के बयान को भी सदन के रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना जरूरी है।

संसदीय कार्यमंत्री ने सभापति से की अपील
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभापति से कहा कि संबंधित सदस्य को बुलाकर दोनों पक्षों को सुना जाए और उसके बाद सभापति जो उचित समझें, उस पर निर्णय लें। रिजिजू ने सभापति से कहा, 'आप संबंधित माननीय सदस्य को बुला सकते हैं और उनकी बात भी सुन सकते हैं। इसके बाद आप जो निर्णय उचित समझें, वह ले सकते हैं।'

सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों को नसीहत दी कि वे एक-दूसरे की भावनाओं और संवेदनाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों द्वारा भाषण के दौरान असम्मानजनक और अशोभनीय टिप्पणियां किए जाने के कई मामले उनके संज्ञान में आए हैं।

सभापति ने दी सदस्यों को नसीहत
सभापति ने कहा, 'माननीय सदस्यों को बहुत सावधान रहना चाहिए कि वे साथी सदस्यों की भावनाओं और संवेदनाओं को ठेस न पहुंचाएं। हमारी संस्कृति अनूठी है और यह विभिन्न क्षेत्रीय संस्कृतियों से मिलकर बनी है।' उन्होंने कहा कि सदन में किसी भी सदस्य की सांस्कृतिक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान का अनादर नहीं होना चाहिए। किसी सदस्य के भाषण के दौरान बीच में हस्तक्षेप करते हुए असम्मानजनक और अशोभनीय टिप्पणियां किए जाने के कुछ मामले मेरे संज्ञान में आए हैं। सभापति ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को जल्द ही सुलझाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं संबंधित माननीय सदस्यों को जल्द ही अपने कक्ष में बुलाऊंगा और इस मामले को सुलझाऊंगा।'

'लुंगीवाला' टिप्पणी पर सुष्मिता देव की सफाई
TMC सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा में ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी राज्य के पहनावे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि वह असम की रहने वाली बंगाली हैं और अलग-अलग राज्यों में विभिन्न तरह के परिधान पहने जाते हैं। देव ने कहा कि सदन से ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए जिससे यह लगे कि कोई सदस्य भारत को सांस्कृतिक या धार्मिक आधार पर बांटना चाहता है। उन्होंने CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास को लंबे समय से जानने की बात कहते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि दोनों के बीच बातचीत होनी चाहिए तो वह इसके लिए तैयार हैं।
 

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