फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajya Sabha Business Advisory Committee meeting no bill brought in the Rajya Sabha without notice

अनुच्छेद 370 की तरह अब राज्यसभा में बिना नोटिस नहीं लाया जाएगा कोई बिल

Fri, 29 Nov 2019 06:06 AM IST
देव कश्यप शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 29 Nov 2019 06:06 AM IST
विज्ञापन
Rajya Sabha Business Advisory Committee meeting no bill brought in the Rajya Sabha without notice
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला

संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए राज्यसभा में अचानक लाए विधेयक के झटके से विपक्षी सांसद अभी भी उबर नहीं पाए हैं। गुरुवार को उन्होंने मांग की कि सरकार अब और कोई विधेयक अचानक लाकर उन्हें न चौंकाए। दरअसल विपक्ष को आशंका है कि सरकार किसी भी दिन नागरिकता संशोधन विधेयक इसी तरह लाकर उन्हें चौंका सकती है।

विज्ञापन


राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में यह मांग तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू की उपस्थिति में सरकार से की। नायडू ने संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी को निर्देशित किया कि आगे से राज्यसभा में पेश किए जाने वाले हर बिल की कॉपी सभी सांसदों में कम से कम 48 घंटे पहले बांटी जानी चाहिए।

विज्ञापन

मौका देने को तैयार नहीं विपक्ष

सरकार के आश्वासन के बावजूद विपक्षी दल उसे किसी तरह का मौका देने को तैयार नहीं है। इसीलिए उन्होंने अभी से ही तय कर लिया है कि राज्यसभा और लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर उनके कौन-कौन से वक्ता होंगे और वे किन मुद्दों को उठाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन


नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिए केंद्र सरकार गैर मुसलमान उन सभी भारतीय मूल के लोगों को भारत की नागरिकता देने जा रही है जो बांग्लादेश, अफगानिस्तान,  पाकिस्तान, म्यानमार जैसे पड़ोसी देशों में बतौर अल्पसंख्यक रह रहे हैं और प्रताड़ित किए जा रहे हैं। इसके जरिए  उन लोगों को भी  भारत की नागरिकता मिल जाएगी जो असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में नहीं आ पाए हैं।


तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की खिलाफत उसे राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचा रही है। यही वजह है कि वे पश्चिम बंगाल की तीन के तीनों विधानसभा उपचुनाव जीत गए। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष द्वारा खाली की गई खड़कपुर सीट है और कलियागंज सीट भी जिस पर पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को 65,000 वोटों की बढ़त मिली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed