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''कॉमेडियन नहीं हैं कपिल शर्मा'', तो फिर क्या हैं? पढ़ें राजपाल यादव का इंटरव्यू
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 12 Jan 2017 09:19 PM IST
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राजपाल यादव
- फोटो : rajpal yadav, up election, up election 2017
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हास्य अदाकारी से दर्शकों के बीच खास जगह बना चुके बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव अब राजनीति के मैदान में भी हाथ आजमाएंगे। उन्होंने राजनैतिक पार्टी 'सर्व सम्भाव्य पार्टी' बनाई है, जो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 390 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारेगी। राजपाल यादव ने अमर उजाला डॉटकॉम से बात करते हुए फिल्म, कॉमेडी और राजनीति से जुड़े कुछ दिलचस्प बातें बताई।
कपिल शर्मा की कॉमेडी को आप कैसे देखते हैं?
राजपाल यादव ने कहा कि कपिल शर्मा कॉमेडियन नहीं हैं। वह सिर्फ एक कैरिकेचर आर्टिस्ट हैं। कॉमेडी तो बॉडी में होती है, जो उसमें कभी था ही नहीं। वह एक ऐसा एंकर है जो महिलाओं, दागियों पर कमेंट करता है और दो-चार लाइनों पर लोगों को हंसाता है। उसकी तुलना करके आप कॉमेडी की बेइज्जती करती हो। उसके शो में सेलेब्स जाते हैं और फिल्म का प्रमोशन करते हैं। कॉमेडी की नहीं जाती है, बल्कि ये बॉडी के हिस्से हैं। ये जितने भी लोग हैं कैरिकेचर आर्टिस्ट होते हैं।
आप पॉलिटिक्स में आने के बाद भी एक्टिंग जारी रखेंगे?
200 दिन व्यापार के, 100 दिन प्रचार के और 65 दिन परिवार के होंगे। आप 10 साल बाद भी मुझसे पूछोगे तो मैं यही कहूंगा। मैं एक्टिंग भी जारी रखूंगा।
राजनीति में आने का विचार कैसे बना?
हम डर-भय से मुक्त होकर जातिवाद की राजनीति को हटाना चाहते हैं। एक समुदाय की सरकार चल रही है तो दूसरा समुदाय डर रहा है, इसे खत्म करना चाहते हैं। हम इनकी पार्टी ज्वाइन करते तो उनकी बड़ाई और उनकी पार्टी ज्वाइन करते तो इनकी बड़ाई करते, इसलिए हमने अपनी अलग पार्टी बनाई।
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कपिल शर्मा की कॉमेडी को आप कैसे देखते हैं?
राजपाल यादव ने कहा कि कपिल शर्मा कॉमेडियन नहीं हैं। वह सिर्फ एक कैरिकेचर आर्टिस्ट हैं। कॉमेडी तो बॉडी में होती है, जो उसमें कभी था ही नहीं। वह एक ऐसा एंकर है जो महिलाओं, दागियों पर कमेंट करता है और दो-चार लाइनों पर लोगों को हंसाता है। उसकी तुलना करके आप कॉमेडी की बेइज्जती करती हो। उसके शो में सेलेब्स जाते हैं और फिल्म का प्रमोशन करते हैं। कॉमेडी की नहीं जाती है, बल्कि ये बॉडी के हिस्से हैं। ये जितने भी लोग हैं कैरिकेचर आर्टिस्ट होते हैं।
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आप पॉलिटिक्स में आने के बाद भी एक्टिंग जारी रखेंगे?
200 दिन व्यापार के, 100 दिन प्रचार के और 65 दिन परिवार के होंगे। आप 10 साल बाद भी मुझसे पूछोगे तो मैं यही कहूंगा। मैं एक्टिंग भी जारी रखूंगा।
राजनीति में आने का विचार कैसे बना?
हम डर-भय से मुक्त होकर जातिवाद की राजनीति को हटाना चाहते हैं। एक समुदाय की सरकार चल रही है तो दूसरा समुदाय डर रहा है, इसे खत्म करना चाहते हैं। हम इनकी पार्टी ज्वाइन करते तो उनकी बड़ाई और उनकी पार्टी ज्वाइन करते तो इनकी बड़ाई करते, इसलिए हमने अपनी अलग पार्टी बनाई।
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यूपी चुनाव में आपकी पार्टी का एजेंडा क्या है?
राजपाल यादव
- फोटो : self
यूपी चुनाव में आपकी पार्टी का एजेंडा क्या है?
मैंने अपने दो भाइयों को 10-12 साल राजनीति सिखाई। जैसे मुझे अभिनेता बनने में 10-12 साल लगे, वैसे ही मेरे दोनों भाई अब नेता बनकर तैयार हैं। सर्व सम्भाव पार्टी की स्थापना वृंदावन में हुई। जो सेवा भाव से आई है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे बड़े भाई श्रीपाल यादव हैं। राजेश यादव तिलहर विधानसभा से चुनाव से लड़ रहे हैं। छह भाइयों में दो भाई राजनीति के लिए, तीन भाई व्यापार के लिए और राजपाल यादव परिवार, व्यापार और प्रचार तीनों में हैं। प्रदेश में पिछले 15-20 साल से सिर्फ विवाद हो रहा है। एक योजना आती है तो दूसरा उसका विरोध कर रहे है। इसे देखते हुए हमने पार्टी बनाई। यह पार्टी पहले निर्माण की बात करती है। निर्माण का मंत्र संवाद के माध्यम से करने का प्रयास किया।
आपकी पार्टी और लोगों का ग्राउंड लेवल पर कितना जनमत है?
मैं इस चुनाव में परिवर्तन चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि किसी पार्टी की सरकार न बनकर जनता की सरकार बने। हम पार्टी के हिसाब से अपनी अपनी जनता चुन लेते हैं, मैं चाहता हूं कि ये जहर खत्म हो। जनता को स्वतंत्रता मिले। लोग वोट की कीमत समझे, नोट के चक्कर में वोट न बिके। गांव को स्मार्ट बनाकर प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं। हर शहर के बंदे का गांव से तार जुड़ा होता है, गांव का निर्माण हो गया तो शहर भी आगे बढ़ जाएगा।
मैंने अपने दो भाइयों को 10-12 साल राजनीति सिखाई। जैसे मुझे अभिनेता बनने में 10-12 साल लगे, वैसे ही मेरे दोनों भाई अब नेता बनकर तैयार हैं। सर्व सम्भाव पार्टी की स्थापना वृंदावन में हुई। जो सेवा भाव से आई है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे बड़े भाई श्रीपाल यादव हैं। राजेश यादव तिलहर विधानसभा से चुनाव से लड़ रहे हैं। छह भाइयों में दो भाई राजनीति के लिए, तीन भाई व्यापार के लिए और राजपाल यादव परिवार, व्यापार और प्रचार तीनों में हैं। प्रदेश में पिछले 15-20 साल से सिर्फ विवाद हो रहा है। एक योजना आती है तो दूसरा उसका विरोध कर रहे है। इसे देखते हुए हमने पार्टी बनाई। यह पार्टी पहले निर्माण की बात करती है। निर्माण का मंत्र संवाद के माध्यम से करने का प्रयास किया।
आपकी पार्टी और लोगों का ग्राउंड लेवल पर कितना जनमत है?
मैं इस चुनाव में परिवर्तन चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि किसी पार्टी की सरकार न बनकर जनता की सरकार बने। हम पार्टी के हिसाब से अपनी अपनी जनता चुन लेते हैं, मैं चाहता हूं कि ये जहर खत्म हो। जनता को स्वतंत्रता मिले। लोग वोट की कीमत समझे, नोट के चक्कर में वोट न बिके। गांव को स्मार्ट बनाकर प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं। हर शहर के बंदे का गांव से तार जुड़ा होता है, गांव का निर्माण हो गया तो शहर भी आगे बढ़ जाएगा।
कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे?
फाइल फोटो
- फोटो : BBC
कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे?
सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और कुछ लोगों के खिलाफ सम्मान की वजह से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उम्मीदवार उतारेंगे।
अखिलेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे?
403 में से करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी सीटें सम्मान के लिए छोड़ेंगे। मुझे पिछले कई सालों से चुनाव लड़ने के लिए ऑफर मिल रहे थे। मैंने सोचा इनकी मसखरागिरी करने से अच्छा अपनी पार्टी बनाई जाए। इसके लिए बड़े भाई और अपने छोटे भाइयों की सहायता से 10-12 साल से समाजसेवा का काम कर रहा हूं।
सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और कुछ लोगों के खिलाफ सम्मान की वजह से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उम्मीदवार उतारेंगे।
अखिलेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे?
403 में से करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी सीटें सम्मान के लिए छोड़ेंगे। मुझे पिछले कई सालों से चुनाव लड़ने के लिए ऑफर मिल रहे थे। मैंने सोचा इनकी मसखरागिरी करने से अच्छा अपनी पार्टी बनाई जाए। इसके लिए बड़े भाई और अपने छोटे भाइयों की सहायता से 10-12 साल से समाजसेवा का काम कर रहा हूं।