तमिलनाडु में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ, कांग्रेस करती है भारतीय सेना की वीरता पर संदेह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को तमिलनाडु के सलेम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी, लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस भारतीय सेना की वीरता पर संदेह करती है।
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के लिए हुए समझौते की जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सलेम में जोर देकर कहा कि कोई भी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। भारत किसी भी देश को हमारी सीमा पर एकतरफा कार्रवाई की अनुमति नहीं देगा, किसी भी कीमत पर इसे रोका जाएगा।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने महामारी के बाद देश में हो रहे सुधार को लेकर बात करते हुए कहा कि महामारी के बाद भारत एक अलग विकास की कहानी लिख रहा है। देश में दिन-प्रतिदिन विदेश निवेश बढ़ रहा है, जिसके कारण शेयर बाजार में जमकर उछाल आ रहा है।
After the COVID-19 pandemic, we are going to write India's next growth story. Foreign investment is also increasing day by day in our country, due to which the stock market is not only jumping but playing Jallikattu: Defence Minister Rajnath Singh at Tamil Nadu BJYM convention pic.twitter.com/Mi9g9m7yDS
— ANI (@ANI) February 21, 2021
राजनाथ ने तमिल को बताया खूबसूरत भाषा, मांगी माफी
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय जनता युवा मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए तमिल को खूबसूरत भाषा बताया। साथ ही उन्होंने इस बात के लिए माफी मांगी कि वे तमिल में बोलने में सक्षम नहीं हैं। राजनाथ ने कहा, ''मैं तमिल में और बोलना चाहता था, लेकिन तमिल जोकि एक खूबसूरत भाषा है, मैं नहीं बोल सकता इसलिए आप सभी से माफी मांगता हूं।''
I wanted to speak more in Tamil but I would like to apologise for not being able to speak in Tamil, a beautiful language: Defence Minister Rajnath Singh at Tamil Nadu Bharatiya Janata Yuva Morcha convention in Salem pic.twitter.com/UY7xdUY2Yq
— ANI (@ANI) February 21, 2021
अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यों को याद किया
रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया। राजनाथ ने जनता से पूछा कि क्या वह तमिलनाडु का सम्मान नहीं था? वर्ष 1974 में जब कांग्रेस सरकार ने श्रीलंका कच्छेवु द्वीप छोड़ दिया था, तब वाजपेयी ने इस फैसले की निंदा की थी और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही। रक्षा मंत्री ने कहा, भाजपा यह कभी नहीं भूल सकती कि वह तमिलनाडु की बेटी पुरुची थलाइवी जया अम्मा थीं, जिन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की पहली सरकार का समर्थन किया था।