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India Manufacturing Show: राजनाथ सिंह का आश्वासन- भारतीय कंपनियों से रक्षा खरीद पर जोर, 75 फीसदी बजट आरक्षित
Thu, 02 Nov 2023 03:33 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 02 Nov 2023 03:33 PM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर्नाटक दौरे पर हैं। राजधानी बंगलूरू में आयोजित इंडिया मैनुफैक्चरिंग शो-2023 में शामिल होने पहुंचे राजनाथ ने भारत की क्षमता को रेखांकित करते हुए बंगलूरू को तकनीक की राजधानी करार दिया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
विस्तार
बंगलूरू में 'इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो-2023' के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'अगर दिल्ली राजनीतिक राजधानी है, तो बंगलूरू देश की टेक्नोलॉजी की राजधानी है।' उन्होंने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण आक्रमणकारियों के लिए दक्षिण भारत काफी दूर रहा है।
दक्षिणी भारत में भारतीय संस्कृति अधिक जीवंत
रक्षा मंत्री राजनाथ के अनुसार, उत्तर भारत ने सीधे आक्रमणकारियों का सामना किया। आक्रमणकारियों ने उत्तरी भारत में हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दक्षिणी भारत आक्रमणकारियों से कम प्रभावित हुआ और परिणामस्वरूप, हम दक्षिणी भारत में भारतीय संस्कृति को अधिक जीवंत देख सकते हैं।
देश का 'सांस्कृतिक किला'
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के दृष्टिकोण से अगर दक्षिण भारत को देश का 'सांस्कृतिक किला' कहूं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत भारतीय संस्कृति का सुरक्षित घर है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75% स्थानीय कंपनियों से खरीद के लिए आरक्षित किया है।
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स्थानीय कंपनियों से रक्षा खरीद पर सरकार की नीति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत, लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इतना फंड सरकार ने स्थानीय कंपनियों से खरीद के लिए आरक्षित किया है।
भारत में मैनुफैक्चरिंग पर जोर
'इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो-2023' में रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई के लिए उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का यह कदम घरेलू उद्योगों के लिए पर्याप्त मांग का आश्वासन सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कहा, हम पहली सरकार हैं जिसने हथियारों के आयात पर खुद पर प्रतिबंध लगाया है। हमने पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की हैं, जिसके तहत 509 उपकरणों की पहचान की गई है। अब इनका विनिर्माण भारत में होगा।
4,666 वस्तुओं की पहचान, MSME बनेंगी आत्मनिर्भर
उन्होंने कहा कि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) के लिए चार सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां भी प्रकाशित की गईं। सरकार ने इसके तहत 4,666 वस्तुओं की पहचान की है, जिनका निर्माण देश के भीतर ही किया जाएगा। रक्षा मंत्री के अनुसार सरकार के ये कदम देश की सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम को मजबूत कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे।
1.5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता
रक्षा मंत्री के मुताबिक रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (iDEX) पहल के तहत स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। iDEX रक्षा विनिर्माण में नए विचारों को आमंत्रित करने के लिए शुरू किया गया था। राजनाथ सिंह ने बताया कि आईडीईएक्स प्राइम के तहत रक्षा क्षेत्र में स्टार्ट-अप की मदद के लिए 1.5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसका मकसद रक्षा परियोजनाओं का समर्थन करना था।
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दक्षिणी भारत में भारतीय संस्कृति अधिक जीवंत
रक्षा मंत्री राजनाथ के अनुसार, उत्तर भारत ने सीधे आक्रमणकारियों का सामना किया। आक्रमणकारियों ने उत्तरी भारत में हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दक्षिणी भारत आक्रमणकारियों से कम प्रभावित हुआ और परिणामस्वरूप, हम दक्षिणी भारत में भारतीय संस्कृति को अधिक जीवंत देख सकते हैं।
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देश का 'सांस्कृतिक किला'
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के दृष्टिकोण से अगर दक्षिण भारत को देश का 'सांस्कृतिक किला' कहूं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत भारतीय संस्कृति का सुरक्षित घर है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75% स्थानीय कंपनियों से खरीद के लिए आरक्षित किया है।
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रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत आरक्षित#WATCH | At the ‘India Manufacturing Show-2023’ in Bengaluru, Defence Minister Rajnath Singh says, "If Delhi is the political capital, then Bengaluru is the technology capital of the country... Due to its geographical condition, Southern India has been a distant target for… pic.twitter.com/SGarqfhXRg
— ANI (@ANI) November 2, 2023
स्थानीय कंपनियों से रक्षा खरीद पर सरकार की नीति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत, लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इतना फंड सरकार ने स्थानीय कंपनियों से खरीद के लिए आरक्षित किया है।
भारत में मैनुफैक्चरिंग पर जोर
'इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो-2023' में रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई के लिए उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का यह कदम घरेलू उद्योगों के लिए पर्याप्त मांग का आश्वासन सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कहा, हम पहली सरकार हैं जिसने हथियारों के आयात पर खुद पर प्रतिबंध लगाया है। हमने पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की हैं, जिसके तहत 509 उपकरणों की पहचान की गई है। अब इनका विनिर्माण भारत में होगा।
4,666 वस्तुओं की पहचान, MSME बनेंगी आत्मनिर्भर
उन्होंने कहा कि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) के लिए चार सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां भी प्रकाशित की गईं। सरकार ने इसके तहत 4,666 वस्तुओं की पहचान की है, जिनका निर्माण देश के भीतर ही किया जाएगा। रक्षा मंत्री के अनुसार सरकार के ये कदम देश की सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम को मजबूत कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे।
1.5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता
रक्षा मंत्री के मुताबिक रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (iDEX) पहल के तहत स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। iDEX रक्षा विनिर्माण में नए विचारों को आमंत्रित करने के लिए शुरू किया गया था। राजनाथ सिंह ने बताया कि आईडीईएक्स प्राइम के तहत रक्षा क्षेत्र में स्टार्ट-अप की मदद के लिए 1.5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसका मकसद रक्षा परियोजनाओं का समर्थन करना था।