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शारदा चिटफंड घोटाला: गिरफ्तारी से बचने के लिए राजीव कुमार ने दायर की अग्रिम जमानत याचिका
Fri, 20 Sep 2019 08:06 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 20 Sep 2019 08:06 PM IST
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कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार (फाइल फोटो)
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वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शुक्रवार को भी सीबीआई कार्यालय नहीं पहुंचे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक दिन पहले ही उनके खिलाफ ताजा नोटिस जारी किया था और शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था।
एजेंसी विभिन्न स्थानों पर उनकी तलाश कर रही है। इस बीच कुमार ने अलीपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है जिस पर शनिवार को सुनवाई होने की संभावना है। एजेंसी के सूत्रों ने यहां कहा कि कई करोड़ रुपये के पोंजी घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने उन्हें अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए समन किया था। उन पर आरोप है कि जांच एजेंसी द्वारा अंतिम आरोपपत्र तैयार करने के लिए आवश्यक कई साक्ष्यों को उन्होंने कथित तौर पर दबा दिया।
सूत्रों ने कहा कि सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के अधिकारी, कुमार के पार्क स्ट्रीट स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे जबकि एक अन्य टीम वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का पता लगाने के लिए दक्षिण 24 परगना में एक रिसॉर्ट पर गई। सीबीआई के अधिकारी बृहस्पतिवार को भी कुमार का पता लगाने के लिए आईपीएस ऑफिसर्स मेस और एक पांच सितारा होटल गए थे।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले शुक्रवार को कुमार के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई पर रोक हटा ली थी। जांच एजेंसी के एक पत्र के जवाब में राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि कुमार नौ सितम्बर से 25 सितम्बर 2019 तक छुट्टी पर हैं।
कुमार के वकील गोपाल हालदर ने कहा कि याचिका पर शनिवार को अलीपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हो सकती है। सीबीआई ने गुरुवार को अलीपुर की अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के समक्ष याचिका दायर कर कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी।
बता दें कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त कुमार पर आरोप है कि उन्होंने कई करोड़ रुपए के पोंजी घोटाला मामले में जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूतों को कथित तौर पर दबाया। इस सप्ताह की शुरुआत में भी कुमार सॉल्ट लेक क्षेत्र में स्थित सीबीआई के कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे और उन्होंने सीबीआई के नोटिस का उल्लंघन किया था।
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एजेंसी विभिन्न स्थानों पर उनकी तलाश कर रही है। इस बीच कुमार ने अलीपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है जिस पर शनिवार को सुनवाई होने की संभावना है। एजेंसी के सूत्रों ने यहां कहा कि कई करोड़ रुपये के पोंजी घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने उन्हें अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए समन किया था। उन पर आरोप है कि जांच एजेंसी द्वारा अंतिम आरोपपत्र तैयार करने के लिए आवश्यक कई साक्ष्यों को उन्होंने कथित तौर पर दबा दिया।
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सूत्रों ने कहा कि सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के अधिकारी, कुमार के पार्क स्ट्रीट स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे जबकि एक अन्य टीम वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का पता लगाने के लिए दक्षिण 24 परगना में एक रिसॉर्ट पर गई। सीबीआई के अधिकारी बृहस्पतिवार को भी कुमार का पता लगाने के लिए आईपीएस ऑफिसर्स मेस और एक पांच सितारा होटल गए थे।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले शुक्रवार को कुमार के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई पर रोक हटा ली थी। जांच एजेंसी के एक पत्र के जवाब में राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि कुमार नौ सितम्बर से 25 सितम्बर 2019 तक छुट्टी पर हैं।
कुमार के वकील गोपाल हालदर ने कहा कि याचिका पर शनिवार को अलीपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हो सकती है। सीबीआई ने गुरुवार को अलीपुर की अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) के समक्ष याचिका दायर कर कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी।
बता दें कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त कुमार पर आरोप है कि उन्होंने कई करोड़ रुपए के पोंजी घोटाला मामले में जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूतों को कथित तौर पर दबाया। इस सप्ताह की शुरुआत में भी कुमार सॉल्ट लेक क्षेत्र में स्थित सीबीआई के कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे और उन्होंने सीबीआई के नोटिस का उल्लंघन किया था।