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शारदा चिटफंड: कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी कुछ और दिन की मोहलत
Mon, 20 May 2019 12:22 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 20 May 2019 12:22 PM IST
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राजीव कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
शारदा चिटफंड मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से सात दिन की और मोहलत मांगी है। राजीव कुमार ने अदालत से कहा है कि उन्हें गिरफ्तारी से बचने के लिए सात और दिनों की मोहलत दी जाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में वकीलों की हड़ताल के चलते मोहलत की अपील की है।
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मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने राजीव कुमार को तीन न्यायाधीशों की पीठ गठित करने के लिए महासचिव के समक्ष जाने को कहा है।
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Former Kolkata Police Commissioner Rajeev Kumar approaches Supreme Court seeking extension of seven days protection given to him by the court; cites strike of lawyers in West Bengal a reason for the extension pic.twitter.com/n5NbfXGF0J
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 20, 2019
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक हटा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आज का आदेश 7 दिन बाद से लागू होगा। तब तक राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी। उसके बाद सीबीआई राजीव कुमार को गिरफ्तार कर सकती है। इस दौरान वे अग्रिम जमानत की अर्जी किसी अन्य कोर्ट में दायर कर सकते हैं।
सीबीआई को मिले राजीव कुमार के खिलाफ ठोस सबूत, छह दिन बाद हो सकती है गिरफ्तारी
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दावा किया है कि उसने पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार और सारदा ग्रुप के एक कर्मचारी के बीच पांच कॉल का पता लगाया है। यह कर्मचारी चिटफंड घोटाले के मास्टरमाइंड सुदीप्ता सेन को सीधे सूचना देता था। सीबीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एजेंसी के जांचकर्ता यह सिद्ध करने से अब कुछ ही दूर हैं कि पूर्व पुलिस कमिश्नर मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में लिप्त थे।
यह कॉल्स तब की हैं जब राजीव कुमार बिधान नगर पुलिस आयुक्त थे और साल 2012-13 में कई करोड़ का पोंजी घोटाला सामने आया था। हालांकि, सीबीआई अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जब वह कमिश्नर थे या विशेष जांच दल के प्रमुख बनने के बाद यह कॉल्स की गईं।
यह घोटाला और राजीव कुमार की कथित भागीदारी का मामला एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कह रही है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता इसमें मिले हुए थे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है।