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Rajasthan: 'BJP पर दबाव को नहीं..', नामांकन में भारी भीड़ जुटाने वाले रविंद्र भाटी ने बताई चुनाव लड़ने की वजह

Fri, 05 Apr 2024 03:20 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 05 Apr 2024 03:20 PM IST
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सार
"भाजपा का कितना बड़ा भी नेता कहे तो भी मैदान से नहीं हटूंगा", राजस्थान में शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा चुनाव में नामांकन कराने के बाद अमर उजाला डॉट कॉम से की बात...
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Rajasthan Leader Ravindra Bhati reveals reason for Lok Sabha Election candidacy Exclusive interview news
रविंद्र सिंह भाटी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान की बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट अचानक से एक बार पूरे देश में चर्चा में आ गई। इस लोकसभा सीट के चर्चा में आने की प्रमुख वजह यही है कि बाड़मेर की शिव विधानसभा के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपना निर्दलीय नामांकन इस लोकसभा सीट पर करा लिया है। उनके नामांकन में उमड़ी भीड़ के बाद न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देश के बड़े सियासी गलियारों में जमकर चर्चाएं हो रही हैं। कभी भाजपा से ताल्लुक रखने वाले रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा के चुनाव में टिकट न मिलने पर निर्दलीय ताल ठोकी थी।


विधानसभा चुनाव के कुछ महीने बाद ही अब एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में रविंद्र सिंह भाटी उतर गए हैं। रविंद्र सिंह भाटी का मुकाबला मोदी कैबिनेट के मंत्री कैलाश चौधरी और कांग्रेस के नेता उम्मेदराम बेनीवाल से बताया जा रहा है। हालांकि रविंद्र सिंह भाटी कहते हैं कि उनका मुकाबला किसी भी नेता से नहीं है। चुनावी मैदान में कहीं बीच में ही दबाव पड़ने पर हट न जाने के सवाल पर वह कहते हैं कि अब भाजपा का कितना बड़ा भी नेता आकर कहे, तो भी पर्चा वापस नहीं होगा। अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी ने रविंद्र सिंह भाटी से ऐसे ही कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं बातचीत के अंश।


सवाल: कुछ दिन पहले तक सिर्फ चर्चाएं हो रही थीं कि आप रविंद्र भाटी लोकसभा के चुनाव में उतर सकते हैं। लेकिन अब तो सचमुच आपने नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
जवाब: हां, मैंने बुधवार को ही अपना नामांकन कराया है। अभी भी क्षेत्र में ही लोगों के बीच बैठा हूं। आप देखिए मेरे नामांकन में मेरे क्षेत्र की जनता ने किस तरह अभिभूत होकर आशीर्वाद दिया है। 

सवाल: हां, सियासी गलियारों में आपके नामांकन में आई भीड़ की वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रही है। तो आप मानते हैं यह भीड़ आपको चुनाव जिता देगी।

जवाब: जिसे आप भीड़ कह रहे हैं, दरअसल वह मेरे अपने हैं। मैंने उन्हीं अपनों की समस्याओं को दूर करने के लिए विधानसभा का चुनाव लड़ा था। अब उनकी ही लड़ाई लड़ने के लिए लोकसभा के चुनाव में उतरा हूं।
 
सवाल: लेकिन अभी कुछ महीने पहले ही तो आप विधायक बने थे, इतनी जल्दी लोकसभा के चुनाव में उतरने की योजना कैसे बन गई।
जवाब: यह फैसला मेरा अपना नहीं है। हमारी 36 कौमों ने मिलकर एक साथ यह हुकम दिया कि अब तुमको लोकसभा का चुनाव लड़ना है। तो मेरे लिए उनका आदेश सिर माथे पर था। इसलिए अब लोकसभा के मैदान में हूं।

सवाल: आपकी लड़ाई मोदी सरकार के मंत्री कैलाश चौधरी और कांग्रेस के उम्मेद राम बेनीवाल से है। मोदी के काम और जातिगत समीकरणों के आधार पर होने वाली लड़ाई में खुद को कहां पाते हैं। 
जवाब: पहली बात तो यह है कि मेरी लड़ाई किसी से नहीं है। मैं पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरा हूं। अब हमारा लक्ष्य बाड़मेर जैसलमेर की जनता की नुमाइंदगी देश की संसद में करने का है। यही हमारे क्षेत्र के लोगों ने तय करके मुझे चुनाव लड़ाया है। 

सवाल: लेकिन भाजपा के केंद्रीय मंत्री के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ना, आपको चुनौती जैसा तो लगता ही होगा।
जवाब: क्यों चुनौती जैसा लगेगा। आप क्षेत्र की जनता से आकर पूछ लो। मंत्री ने क्या काम किया है। यह वही तो मंत्री हैं जिन्होंने कहा था मेरी गलती की सजा नरेंद्र मोदी को मत देना। अब आप इससे ही अंदाजा लगा लो कि क्या परिस्थितियां हैं हमारी लोकसभा सीट पर उनकी।

सवाल: सियासी गलियारों में कहा यह भी जा रहा है कि रविंद्र सिंह भाटी ने भाजपा को दबाव में लेने के लिए लोकसभा के चुनाव में पर्चा भरा है। यह कितना सही है।
जवाब: सरासर गलत है। रविंद्र भाटी न तो किसी को दबाव में लेता है और न वह दबाव में आता है। इसलिए दबाव बनाने के लिए लोकसभा का चुनाव लड़ने की बात का कोई मतलब ही नहीं है।

सवाल: आप तो भाजपा में भी विधानसभा चुनावों से पहले शामिल हुए थे। एक चर्चा यह भी हो रही है कि संभव है भाजपा के कुछ बड़े नेता आपसे लोकसभा चुनाव न लड़ने को लेकर बातचीत कर सकते हैं।
जवाब: नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है। और ऐसा होगा भी नहीं।

सवाल: तो यह तय माना जाए कि रविंद्र सिंह भाटी ने अगर चुनाव में पर्चा भर दिया हैस तो वह लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। और अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे।
जवाब: बिल्कुल यही है। मेरी कौम के आदेश के आगे किसी का भी कोई दबाव कम नहीं करेगा। अब तो भाजपा का कितना बड़ा भी और कोई भी नेता कहें तो तो भी मैदान से नहीं हटूंगा। चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। और हमारे क्षेत्र की जनता ने फैसला कर लिया है।
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