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Rajasthan: भाजपा की सियासी पिच पर गहलोत ने ऐसे सजाई फील्डिंग, कांग्रेस ने भी पकड़ी अयोध्या और राम मंदिर की राह

Fri, 10 Feb 2023 08:13 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 10 Feb 2023 08:13 PM IST
सार

Rajasthan: अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में राज्य के लोगों को तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए कई नई जगहों को भी जोड़ा है। इसमें अयोध्या भी शामिल है। कांग्रेस की सरकार में अयोध्या और वहां के मंदिर में दर्शन कराने घोषणा से सियासी गलियारों में तमाम कयास भी लगाए जाने लगे...

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rajasthan: in Budget Ashok Gehlot added many pilgrimage sites including ayodhya for the state pilgrims
Rajasthan: सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए बजट में भाजपा की सियासी पिच पर अपनी पूरी फील्डिंग सजा दी है। मुख्यमंत्री गहलोत ने न सिर्फ उज्जवला योजना में लाभार्थियों को पांच सौ में सिलेंडर देने की घोषणा की, बल्कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का पूरा खाका भी अपने इस सियासी बजट में पेश कर दिया। गहलोत के इस कार्यकाल के पेश किए गए आखिरी बजट को राजनीतिक गलियारों में सियासी बजट के तौर पर ही देखा जा रहा है। हालांकि सियासत पर चर्चा इस बात की ज्यादा है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही जुबानी जंग और अंदरूनी कलह पर यह बजट कितना भारी होगा।

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को पेश किए गए बजट में चुनाव की उन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही बड़ा बजट पेश किया, जिसका चुनावी नतीजे पर पूरा असर दिखे। अपने बजट में अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की उन योजनाओं में लाभ से वंचित लाभार्थियों को अपनी सरकार की ओर से न सिर्फ राहत दी, बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में एक बड़ा सियासी दांव भी खेला है। अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में राज्य के लोगों को तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए कई नई जगहों को भी जोड़ा है। इसमें अयोध्या भी शामिल है। कांग्रेस की सरकार में अयोध्या और वहां के मंदिर में दर्शन कराने घोषणा से सियासी गलियारों में तमाम कयास भी लगाए जाने लगे। सिर्फ यही नहीं अशोक गहलोत ने अपनी घोषणा में इस बात का भी जिक्र किया कि उज्जवला योजना में जिन लोगों सिलेंडर तो मिल गए लेकिन वह उसे भरवा नहीं पा रहे हैं। ऐसे परिवारों के लिए 500 रुपये में उनकी सरकार सिलेंडर भी देगी। इसके अलावा अभी तक 50 यूनिट फ्री में दी जाने वाली बिजली को भी 100 यूनिट तक निशुल्क कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के खुलने से लेकर युवाओं को रोजगार देने के मामले में अशोक गहलोत ने इस बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं भी हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषण एचएन पवार कहते हैं कि अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जो बजट पेश किया, वह इस साल होने वाले विधानसभा के चुनावों के लिहाज से तैयार किया गया है। हालांकि पवार कहते हैं कि अशोक गहलोत के पिछले कुछ बजट को आप देखें, तो वह इस तरह का बजट पहले भी पेश करते रहे हैं। इस साल विधानसभा चुनाव है और सियासत के लिहाज से राज्य के बजट को उसी नजरिए से देखा भी जाता है, इसलिए अशोक गहलोत के बचत, राहत और बढ़त वाले इस बजट को विधानसभा चुनाव वाला सियासी बजट माना जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि जिस तरीके से अशोक गहलोत ने बजट पेश किया है उसमें उन्होंने राजस्थान कांग्रेस में मचा अंदरूनी विवाद और घमासान को भी बहुत हद तक थामने की कोशिश की है।

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दरअसल राजस्थान में शुक्रवार को पेश किए गए बजट को सियासत की नजरों में कई नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक अरुण शर्मा कहते हैं कि अशोक गहलोत ने जिस तरीके से लोकलुभावन बजट जारी किया है, उससे केंद्रीय नेतृत्व को भी एक संदेश देने की कोशिश की गई है कि वह लोगों के लिए एक अच्छा बजट लेकर आए हैं। दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि इसी बजट के माध्यम से अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को भी एक संदेश दिया है। हालांकि हरियाणा कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि राजस्थान कांग्रेस में चल रही दो नेताओं के बीच की अदावत का बहुत फायदा विपक्ष को नहीं होगा। इसके पीछे तर्क देते हुए वह कहते हैं कि भाजपा के नेताओं के बीच में तो कांग्रेस के नेताओं से भी ज्यादा अदावतें छिड़ी हुई हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में तमाम तरह की निशुल्क योजनाओं के साथ-सथ रियायती योजनाओं की भी झड़ी लगाई। मुफ्त योजनाओं के बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहते हैं कि यह फ्रीबीज नहीं हैं बल्कि यह सोशल सिक्योरिटी के लिहाज से लागू की गई योजनाएं हैं। राजस्थान में राजनीति को करीब से समझने वाले विक्रांत झालावाड़ बताते हैं कि भाजपा ने जिस तरीके से सियासत में अलग-अलग तरह की पिच तैयार की उस पर कांग्रेस ने एक पॉलिटिकल शॉट तो बजट के माध्यम से लगा ही दिया है। विक्रांत के मुताबिक जिस तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई उज्जवला योजना में सिलेंडर पाने वालों को अशोक गहलोत ने पांच सौ रुपए में सिलेंडर देने की बात कही है। तीर्थ योजना में अयोध्या को शामिल कर वहां के मंदिरों में दर्शन कराने की बात की वह एक तरीके से भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी करने जैसा ही है। हालांकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि अपने राज्य के लोगों को दर्शन कराने के लिए वह बीते कई सालों से यह योजना चला रहे हैं। अयोध्या का नाम जोड़ने पर वह कहते हैं कि हर साल नए नए धार्मिक शहर इस योजना में जुड़ते रहते हैं।

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