Rajasthan: अब मुख्य सचिव चुनेगी राजस्थान सरकार, इसी माह रिटायर होंगी मौजूदा सीएस
मुख्य सचिव पद के दावेदार वरिष्ठतम 15 में 6 अधिकारी फिलहाल केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली में तैनात हैं। इनमें वी श्रीनिवास, रोहित कुमार सिंह, संजय मल्होत्रा, सुधांश पंत, रजत कुमार मिश्रा और तन्मय कुमार हैं।
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मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश के मुखिया का चुनाव तो अब राजस्थान में हो गया, लेकिन सरकार के सत्ता संभालते ही अब नौकरशाही के नए मुखिया के लिए दौड़ शुरु हो गई है। वर्तमान मुख्य सचिव उषा शर्मा का सेवा विस्तार इसी माह पूरा हो रहा है। ऐसे में अब नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नए मुख्य सचिव का चुनाव करना है।
ब्यूरोक्रेसी की सर्वोच्च कुर्सी के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के 15 आईएएस अधिकारी कतार में है। गौर करने काबिल बात यह है कि इस पद के प्रबल दावेदार 5 वरिष्ठतम आईएएस अधिकारियों में से 4 ऐसे हैं, जिनका गृह राज्य उत्तरप्रदेश हे। यानि अगर चयन का पैमाना वरिष्ठता रहा तो इस बात की प्रबल संभावना है कि राजस्थान ब्यूरोक्रेसी की कमान यूपी के किसी अधिकारी के हाथ में हो। इनमें 1988 बैच के सुबोध अग्रवाल इलाहबाद से, 1989 बैच की शुभ्रा सिंह मेरठ से , राजेश्वर सिंह और रोहित कुमार सिंह भी वाराणसी से हैं।
ये हैं वरिष्ठतम दावेदार
सुबोध अग्रवाल, वी श्रीनिवास, शुभ्रा सिंह, राजेश्वर सिंह, रोहित कुमार सिंह, संजय मल्होत्रा, सुधांश पंत, अभय कुमार, रजत कुमार मिश्रा, तन्मय कुमार, अखिल अरोड़ा, आलोक, अपर्णा अरोड़ा, शिखर अग्रवाल और संदीप वर्मा।
नौकरशाही में होंगे बड़े बदलाव
नई सरकार बनने के बाद नौकरशाही बेड़े में बड़े बदलाव की संभावना है। अब तक की परंपरा के अनुसार सरकार के शपथ लेते ही आईएएस की तबादला सूचियां जारी होती है। 2013 में शपथ लेते ही वसुंधरा राजे ने पहले 8 और सप्ताहभर में ही 30 अधिकारियों को बदल दिया था। ऐसे ही 2018 में शपथ लेते ही अशोक गहलोत ने भी 40 अधिकारियों की जंबो तबादला सूची जारी की थी। वैसे भी मौजूदा पदस्थापन में करीब डेढ़ दर्जन आईएएस ऐसे हैं, जो दो साल से एक ही कुर्सी पर जमे हैं। संभवत: इनको भी इधर-उधर किया जाएगा।
छह अधिकारी दिल्ली में कार्यरत
मुख्य सचिव पद के दावेदार वरिष्ठतम 15 में 6 अधिकारी फिलहाल केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली में तैनात हैं। इनमें वी श्रीनिवास, रोहित कुमार सिंह, संजय मल्होत्रा, सुधांश पंत, रजत कुमार मिश्रा और तन्मय कुमार हैं।
इस बार दबदबा किसका?
सीएम के शपथ लेते ही इस बार सचिवालय के पॉवर कॉरिडोर की शक्ल बदल सकती है। करीब 25 वर्ष से या तो अशोक गहलोत, या फिर वसुंधरा राजे ही मुख्यमंत्री बनती आई हैं। ऐसे में इतने लंबे समय से इनके पसंदीदा अधिकारियों का ही नौकरशाही में दबदबा कायम रहा था। अब भजनलाल नए चेहरे के तौर पर आए हैं। उन्होंने फिलहाल टी. रविकांत को अस्थायी तौर पर अपना सचिव बनाया है। अब मुख्य सचिव से लेकर वित्त, गृह, बिजली और मुख्यमंत्री सचिवालय में नए अधिकारियों को जगह मिल सकती है।