राजस्थान शिक्षा विभाग का अजब फरमान, शनिवार को स्कूल में होगा बाबाओं का प्रवचन
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राजस्थान शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों की एक सूची जारी की है। इस सूची के अनुसार महीने के हर तीसरे शनिवार को छात्र स्कूल परिसर में संतों के प्रवचन सुना करेंगे। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार भी सीख सकें। स्कूलों में बाल सभा का आयोजन किया जाएगा।
वैसे तो पहले भी स्कूलों के अंदर बाल सभाओं का आयोजन किया जाता था लेकिन वह महज खानापूर्ति हुआ करती थी। मगर अब इसके लिए बकायदा कलेंडर जारी कर दिया गया है। बाल सभाओं में बच्चों को बालसरंक्षण संबंधित मुद्दों पर बाल चलचित्र, चित्रकला प्रतियोगिता आदि के जरिए बाल अधिकार और बाल संरक्षण के संबंध में जागरुकता पैदा करने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों को बाल सभाओं और उत्सवों का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
विभाग ने हाल ही में शिविरा पंचांग जारी किया है। इस पंचांग के तहत हर तीसरे शनिवार को स्कूलों में राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक समाचारों की समीक्षा होगी और किसी महापुरुष या स्थानीय संत के प्रवचन सुनाए जाएंगे। महीने के पहले शनिवार को बच्चों को किसी प्रेरक संत के बारे में जानकारी दी जाएगी। बच्चों के अंदर संस्कार भरने के लिए शिक्षा विभाग स्कूलों में दादी और नानी को बुलाएगा जो बच्चों को प्रेरणादायक कहानियां सुनाएंगी।
चौथे शनिवार को साहित्य और महाकाव्यों पर प्रश्न और उत्तर का कार्यक्रम रखा जाएगा। महीने में यदि पांचवा शनिवार आता है तो स्कूल में नाटक का मंचन किया जाएगा और बच्चे राष्ट्रगीत का गायन करेंगे।
Rajasthan Education Department issues a list of extra-curricular activities for schools of the state which also enlists that on third Saturday of every month, the students will hear sermons from saints in the school premises.
— ANI (@ANI) June 12, 2018