Rajasthan: सचिन पायलट बोले- राजस्थान में ऐसे टूटेगी परिपाटी, अमर उजाला से बातचीत में 3 मांगों पर दिया ये जवाब
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विस्तार
राजस्थान कांग्रेस में चल रही सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट की अदावत खत्म होने के बाद सोमवार को बड़ा फैसला सामने आया। कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर प्रदेश में संगठनात्मक नियुक्तियां कीं। कांग्रेस पार्टी ने चुनावी साल में जंबो प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की है। इसी बीच अमर उजाला से चर्चा में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि हाल ही में चुनाव को लेकर हुई बैठक में सार्थक, व्यापक और लंबी चर्चा हुई है। किस तरह से आने वाले चुनावों को लड़ना है और जीतना है, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। 25 साल से राजस्थान में एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस की सरकार बनने का सिलसिला बना हुआ है। इस परिपाटी को तोड़ने के लिए हमें क्या करना है, इस पर हमारा बहुत अच्छा मंथन हुआ। इस बार अच्छे परिणाम आएंगे। निश्चित तौर पर इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी।
पायलट ने कहा कि मैंने भाजपा सरकार और वसुंधरा राजे शासनकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी। इस मामले में सरकार कमेटी बनाएगी और जांच करेगी। दूसरी मांग पेपर लीक कांड से जुड़ी थी। इस पर प्रदेश सरकार पेपर लीक करने वाले को उम्र कैद की सजा का प्रावधान ला रही है। जबकि तीसरी मांग राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन में हो रही गड़बड़ी को भी ठीक किया जाएगा। प्रदेश सरकार इसे ठीक करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
इधर, कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए 48 महासचिव, 21 उपाध्यक्ष, 121 सचिव बनाए हैं। जबकि 25 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं। पार्टी ने जून में 85 सचिवों की नियुक्ति रोकने के बाद अब फिर से पुराने नामों को बरकरार रखते हुए 121 सचिवों की सूची जारी की है। कांग्रेस में प्रदेश कार्यकारिणी में और भी नियुक्ति होनी हैं। उनकी लिस्ट भी जल्द जारी होने की उम्मीद है। कांग्रेस ने प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिलाध्यक्षों में सियासी संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। सचिन पायलट समर्थक नेताओं और विधायकों को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है। हालांकि कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों में सीएम अशोक गहलोत समर्थकों की संख्या ज्यादा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समर्थकों को भी कार्यकारिणी में जगह मिली है। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बेटे अमित धारीवाल को प्रदेश महासचिव बनाया गया है। शांति धारीवाल बेटे को अपना सियासी वारिस घोषित कर चुके हैं, अमित धारीवाल टिकट के भी दावेदार हैं। धारीवाल के समर्थक रवींद्र त्यागी को कोटा शहर का जिलाध्यक्ष बनाया है, पहले भी त्यागी ही जिलाध्यक्ष थे। ललित तूनवाल को प्रदेश का संगठन महासचिव नियुक्त किया गया है। ललितपुर तूनवाल अब तक प्रदेश सचिव थे। उधर, सीताराम अग्रवाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। कांग्रेस ने 25 जिलाध्यक्ष बनाए हैं, उनमें जमवारामगढ़ से विधायक गोपाल मीणा को जयपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष बनाया है। गोपाल मीणा अकेले विधायक हैं जिन्हें जिलाध्यक्ष बनाया है।