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राजस्थान का रण: कांग्रेस प्रभारी अजय माकन आज जयपुर में असंतुष्टों को साधेंगे
Tue, 06 Jul 2021 03:05 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 06 Jul 2021 03:05 AM IST
सार
राजस्थान के प्रभारी अजय माकन आज जयपुर पहुंचेंगे। माकन के दौरे से पहले ही मुख्यमंत्री ने पायलट समर्थक और कुछ अन्य असंतुष्ट नेताओं को विधानसभा की समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
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कांग्रेस नेता अजय माकन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व अब राजस्थान में असंतुष्ट खेमे की मांगों को पूरा कर संतुलन बनाना चाहता है। राज्य के प्रभारी अजय माकन मंगलवार को जयपुर पहुंचेंगे। वह संभावित बदलाव और खाली पदों पर नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा करेंगे।
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माकन के दौरे से पहले ही मुख्यमंत्री ने पायलट समर्थक और कुछ अन्य असंतुष्ट नेताओं को विधानसभा की समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह कुछ अन्य बदलाव भी देखने को मिले। सूत्रों का कहना है कि असंतुष्ट खेमे की अगुवाई करने वाले सचिन पायलट इस बार समर्थक नेताओं को पार्टी में पद दिलाने के लिए सक्रिय हैं।
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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रभारी अजय माकन से मुलाकात की। उन्होंने कहा, मेरी मुलाकात राजनीतिक नहीं है। उन्होंने मंत्रिमंडल फेरबदल पर कहा कि जानकारी में नहीं है कि मंत्रिमंडल विस्तार कब हो रहा है। राजस्थान में विवाद पर उन्होंने कहा कि ऑल इज वेल।
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दरअसल, पायलट और गहलोत के बीच की अनबन राजस्थान में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ही सामने आने लगी थी। कुछ समय दोनों के बीच खामोशी रही, लेकिन एक बार फिर कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। दरअसल, पायलट कैंप के 15 विधायक कुछ दिन पहले दिल्ली पहुंचे थे। माना जा रहा है कि इससे अशोक गहलोत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, पायलट कैंप के इन विधायकों ने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से संपर्क किया था। उन्होंने पार्टी प्रमुख को बताया था कि राज्य सरकार में बसपा से कांग्रेसी बने विधायकों और निर्दलीय एमएलए का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इन 15 विधायकों ने कांग्रेस महासचिव और राजस्थान प्रभारी अजय माकन से मुलाकात का समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें पांच विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में आने के लिए कहा गया था। इस बैठक के लिए मंगलवार (29 जून) दोपहर का वक्त तय किया गया था, लेकिन माकन ने व्यस्तता बताते हुए बैठक स्थगित कर दी थी। इस पर विधायकों ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और संगठन राज्य पार्टी प्रमुख द्वारा तय होता है। दोनों हमसे बच रहे हैं। 2018 में मतदान करने वाले कार्यकर्ताओं और जनता को सरकार में नहीं सुना जा रहा।