Rajasthan: इस समीकरण को साधने के लिए जूली को मिला नेता प्रतिपक्ष का ओहदा, ऐसे बचे गहलोत के करीबी डोटासरा
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विस्तार
राजस्थान में कांग्रेस ने अपना नेता प्रतिपक्ष चुन लिया है। पार्टी ने अलवर ग्रामीण से विधायक और पूर्व मंत्री टीकाराम जूली को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। कांग्रेस ने पहली बार दलित चेहरे को यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह राजस्थान विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब कोई दलित चेहरा नेता विपक्ष बना है। अब तक कांग्रेस-भाजपा ने किसी भी दलित को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया है। जबकि पूर्व सीएम अशोक गहलोत के करीबी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
टीकाराम जूली तीसरी बार विधायक बने हैं। वे गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके हैं। जूली भंवर जितेंद्र सिंह के नजदीकी माने जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष बनाने में जितेंद्र सिंह का बड़ा रोल माना जा रहा है। 43 वर्षीय जूली 2008 में सबसे पहले विधायक बने, 2013 में हार गए थे। 43 वर्षीय बीए-एलएलबी जूली को संगठन में भी काम करने का अच्छा अनुभव है। जूली का सियासी सफर 25 सालों का है। अलवर के बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के काठूवास गांव में जूली का जन्म हुआ था। यह गांव हरियाणा से घिरा हुआ है। लिहाजा ऐसे में जूली की शिक्षा भी हरियाणा के स्कूल से ही हुई है। जूली ने पहले जिला परिषद का लड़ा था, जिसमें वह जिला परिषद के सदस्य चुने जाने के बाद जिला प्रमुख भी बने। इसके बाद उन्होंने सियासत में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस ने प्रदेश में जाट-दलित तालमेल का फॉर्मूला अपनाया है। पहली बार नेता प्रतिपक्ष बनाकर कांग्रेस ने परंपरागत दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। जबकि जाट चेहरे के तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखा है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इन दोनों नेताओं को जिम्मेदारी देकर दो वोट बैंक को संदेश देने की कोशिश की है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी टीकाराम जूली को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे एवं अलवर ग्रामीण से विधायक टीकाराम जूली को नेता, कांग्रेस विधायक दल मनोनीत होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप राजस्थान की जनता के हित की आवाज पुरजोर तरीके से उठायेंगे।
19 जनवरी से राजस्थान विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष के एलान में हो रही देरी पर सवाल उठने लगे थे। वहीं अब इस विधानसभा सत्र से पहले पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष का एलान कर दिया है।