Rajasthan: भाजपा के सीएम क्लब में भजनलाल की एंट्री से पार्टी ने सवर्णों से दूर हटने के कयासों पर लगाया विराम
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विस्तार
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के नाम का एलान हो गया है। भजनलाल शर्मा, राजस्थान के नए मुख्यमंत्री होंगे। यहां पर भी मुख्यमंत्री की घोषणा करने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ वाला ही फॉर्मूला अपनाया है। भजनलाल शर्मा के नाम की घोषणा कर भाजपा ने सबको हैरत में डाल दिया है। दलित समुदाय से आने वाले प्रेम चंद बैरवा, डिप्टी सीएम होंगे। दीया कुमारी, जो राजपूत समुदाय से आती हैं, उन्हें भी उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। भाजपा ने इस तरह से एक साथ कई समीकरणों को साध दिया है। विभिन्न समुदायों के लोगों को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर, भाजपा ने लोकसभा की 25 सीटों को साधने का प्रयास किया है।
राजस्थान के 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 39.8 फीसदी मत हासिल हुए थे। भाजपा को 38.08 फीसदी वोट मिले थे। इसके छह माह बाद हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत 58.44 हो गया था। भाजपा ने सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। कांग्रेस को 34.44 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे।
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने टिकट देने में ब्राह्मण, राजपूत, एससी, एसटी व जाट समुदाय के लोगों को तव्वजो दी थी। अगर राजपूत समुदाय की बात करें, तो कांग्रेस पार्टी ने 17 उम्मीदवारों को टिकट दिया। भाजपा ने 25 प्रत्याशियों को मौका दिया था। कांग्रेस की तरफ से ब्राह्मण समाज के 16 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था। भाजपा ने ब्राह्मण समुदाय के 20 लोगों को विधानसभा चुनाव में उतारा था। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में यादव व आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को सीएम बनाया गया है। बिहार में जब जातिगत गणना के नतीजे जारी किए गए, तो उसके बाद ब्राह्मण समुदाय पर कई तरह की टिप्पणियां हो रही थीं। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इस बार ओबीएस पर ज्यादा फोकस कर रही थी।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार में जातिगत गणना का मुद्दा उठाया था। देश में पहले कांग्रेस पार्टी के साथ सवर्णों के जुड़े रहने की बात की जाती थी। बाद में भाजपा ने कांग्रेस के इस परंपरागत वोट बैंक में जबरदस्त सेंध लगाई। पिछले कुछ समय से भाजपा के लिए ब्राह्मणों को अपने साथ रखना एक चुनौती बनती जा रही थी। लोकसभा चुनाव में इस समुदाय को अपने साथ जोड़े रखने और भाजपा सवर्णों से दूर जा रही है, ऐसे कयासों पर विराम लगाने के लिए भाजपा ने राजस्थान में सीएम की कुर्सी पर भजनलाल शर्मा को बैठाया है।