राजन को दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने का हो चुका है अहसास : स्वामी
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आरबीआई के गवर्नर पद से रघुराम राजन को हटाने की मांग करने वाले भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शनिवार को कहा कि दूसरा कार्यकाल न लेने का राजन का निर्णय अच्छा है क्योंकि उन्हें अहसास हो गया है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा।
स्वामी ने कहा, ‘राजन का यह निर्णय अच्छा है। मैंने राजन की निरंतरता बरकरार रखने के खिलाफ जो सबूत दिए थे वे सब सही थे। उन्हें यह अहसास हो गया है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा। इसलिए, उन्होंने खुद ही यह घोषणा की है।’
इससे पहले स्वामी ने कहा था कि रिजर्व बैंक का प्रमुख सरकारी कर्मचारी होता है और उसका चयन लोकप्रिय वोट के आधार पर नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘रघुराम राजन भारत सरकार के एक कर्मचारी हैं। हम लोकप्रिय वोट के आधार पर कर्मचारियों का चयन नहीं करते।’
राजन के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई पत्र लिखकर स्वामी ने राजन को हटाने की मांग की थी। उन्होंने राजन पर गोपनीय और संवेदनशील वित्तीय जानकारियां विश्व भर में भेजने का आरोप भी लगाया था।
'राजन के जाने से निराश और दुखी हूं'
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि दूसरा कार्यकाल न लेने के आरबीआई गवर्नर के निर्णय से वह काफी निराश और दुखी हैं लेकिन इस घटनाक्रम पर उन्हें कोई आश्चर्य नहीं है।
पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने इस घटनाक्रम को आक्षेपों, निराधार आरोपों और तुच्छ हमलों के सुनियोजित अभियान के जरिए इस परिस्थिति को आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने कुछ समय पहले कहा था, डॉ राजन इस सरकार के लायक नहीं हैं। कुछ भी हो, घाटा भारत को हुआ है।’
संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान 2013 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे तब राजन की नियुक्ति आरबीआई गवर्नर के तौर पर हुई थी।