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Maharashtra: मनसे प्रमुख राज बोले- फिर क्यों उठा मराठा आरक्षण का मुद्दा, केवल एकनाथ शिंदे ही दे सकते हैं जवाब
Sun, 31 Aug 2025 04:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 31 Aug 2025 04:00 AM IST
सार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने पत्रकारों द्वारा मराठा आंदोलन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि केवल एकनाथ शिंदे ही मराठा आंदोलन और आरक्षण के मुद्दे के बारे में सबकुछ बता सकते हैं। पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री के रूप में नवी मुंबई गए थे, तब उन्होंने यह मामला सुलझा दिया था। फिर यह मुद्दा दोबारा क्यों उठा है? इन सभी सवालों के जवाब केवल शिंदे ही दे सकते हैं।
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मनसे प्रमुख राज ठाकरे।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से ही पूछा जाना चाहिए कि मराठा आरक्षण का मुद्दा फिर से क्यों उठ खड़ा हुआ है, क्योंकि पिछली बार इस मसले का समाधान शिंदे ने ही किया था।
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दरअसल, मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग को लेकर दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे हैं। शनिवार को दूसरे दिन भी जरांगे का अनशन जारी रहा।
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आंदोलन के बारे में सवाल पर बोले ठाकरे-
पत्रकारों ने राज ठाकरे से आंदोलन के बारे में सवाल किया, जिसके जवाब में ठाकरे ने कहा, 'केवल एकनाथ शिंदे ही मराठा आंदोलन और आरक्षण के मुद्दे के बारे में सब कुछ बता सकते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि मनोज जरांगे फिर से क्यों लौटे, तो एकनाथ शिंदे से पूछिए। पिछली बार जब वे मुख्यमंत्री के रूप में नवी मुंबई गए थे, तब उन्होंने यह मामला सुलझा दिया था। फिर यह मुद्दा दोबारा क्यों उठा है? इन सभी सवालों के जवाब केवल शिंदे ही दे सकते हैं।'
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तत्कालीन सरकार ने मांगें पूरी करने का दिया था आश्वासन
दरअसल, पिछले साल जनवरी में, शिंदे के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के अनुरोध पर जरांगे का मुंबई कूच नवी मुंबई के वाशी में रुक गया था। इस दौरान उन्हें आरक्षण की मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था।
भाजपा मंत्री पाटिल ने शिंदे का किया बचाव
इस बीच, भाजपा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सांगली में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे का बचाव किया। उन्होंने कहा कि शिंदे ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर कोई झूठा वादा नहीं किया था। पाटिल ने कहा, 'दस्तावेजों के आधार पर मराठा समुदाय से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान किया गया है। मनोज जरांगे की जो भी मांगें थीं, उनमें से जितना संभव था, सब लागू किया गया। लेकिन कभी-कभी कुछ मजबूरियों का कोई समाधान नहीं होता।'
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जरांगे ने सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार किया
भाजपा मंत्री पाटिल ने यह भी कहा कि आंदोलन की वजह से आम नागरिकों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। सरकार ने आंदोलन के लिए नवी मुंबई को वैकल्पिक स्थल के रूप में पेश किया था, लेकिन जरांगे ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। जरांगे की मांग है कि मराठों को कुनबी, एक ओबीसी समुदाय के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि वे भी आरक्षण का लाभ ले सकें।