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Politics: 'PM मोदी न होते तो अयोध्या में राम मंदिर नहीं बन पाता', राज ठाकरे ने बताई NDA को समर्थन देने की वजह
Sat, 13 Apr 2024 03:12 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sat, 13 Apr 2024 03:12 PM IST
सार
राज ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर का काम कई दशकों से रुका हुआ था। कोई भी उस कार्य को पूरा नहीं कर सका लेकिन मोदी सरकार ने यह किया। अगर पीएम मोदी नहीं होते तो राम मंदिर नहीं बनता।
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने दावा किया अगर पीएम मोदी नहीं होते तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनता।
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गौरतलब है, राज ठाकरे ने हाल ही में राज्य में भाजपा की महायुति गठबंधन को समर्थन देने का एलान किया था। महायुति गठबंधन में पहले से ही भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी भी शामिल है। हालांकि, राज ठाकरे की पार्टी के कई पदाधिकारी उसके इस फैसले के विरोध में खड़े हो गए थे और अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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नेताओं की सूची होगी तैयार
इन सबके बीच, ठाकरे ने पत्रकारों से कहा कि मनसे उन नेताओं की सूची तैयार करेगी, जिनसे 'महायुति' गठबंधन चुनाव में साथ देने के लिए संपर्क कर सकता है। इस दौरान ठाकरे ने इन सवालों को टाल दिया कि क्या वह भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के लिए रैलियों को संबोधित करेंगे।
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ठाकरे ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और मुखाटा संगठनों से मुलाकात की और उनसे महायुति समर्थित उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने को कहा है। बता दें, महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 20 मई के बीच पांच चरणों में होगा।
अच्छी चीजों की प्रशंसा किए जाने की जरूरत
उन्होंने कहा, 'अगर नरेंद्र मोदी नहीं होते तो राम मंदिर नहीं बनता, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी। यह लंबे समय तक चलने वाला मामला बना रहता।' ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर को बनाए जाने का मामला 1992 से चल रहा था, जब बाबरी मस्जिद को गिराया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ अच्छी चीजें जो होती हैं उनकी प्रशंसा किए जाने की जरूरत होती है। एक ओर अक्षम और दूसरी ओर मजबूत नेतृत्व है। इसलिए हमने नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के बारे में सोचा।'
मोदी के समर्थन में खामियां निकालने के लिए अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर पलटवार करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि वह बीमार हैं।
महाराष्ट्र की मांगों को रखेंगे
ठाकरे ने कहा कि उनकी महाराष्ट्र को लेकर कुछ मांगें हैं जिनमें मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देना और राज्य में किलों का जीर्णोद्धार शामिल है जो भाजपा को बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि गुजरात मोदी को अधिक प्रिय है क्योंकि वह वहीं से आते हैं। लेकिन उन्हें इसी तरह अन्य राज्यों पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, 'गुड़ी पड़वा के दिन ही हमने घोषणा की थी कि इस बार हम नरेंद्र मोदी का समर्थन करेंगे। कई लोगों ने मेरे फैसले पर सवाल उठाए। मैंने पहले 5 सालों में मोदी सरकार का विरोध किया था क्योंकि उस समय स्थिति अलग थी, लेकिन जैसे-जैसे मोदी सरकार ने नई योजनाओं पर काम करना शुरू किया, मेरे विचार बदल गए। चाहे वह अनुच्छेद 370 हो, राम मंदिर हो या एनआरसी।'
कई दशकों से रुका था राम मंदिर का काम
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का काम कई दशकों से रुका हुआ था। कोई भी उस कार्य को पूरा नहीं कर सका लेकिन मोदी सरकार ने यह किया। अगर पीएम मोदी नहीं होते तो राम मंदिर नहीं बनता। नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनना चाहिए। मोदी सरकार ने भारत की प्रगति में कई अहम कदम उठाए हैं। हम मोदी सरकार के सामने महाराष्ट्र के लिए जो भी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं, उन सभी को रखेंगे। पीएम मोदी ने कभी किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया है।