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केरल में बारिश का कहर जारी, लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर, करीब 14 हजार लोगों ने ली शरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:02 PM IST
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Kerala
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केरल में बारिश का कहर जारी है। उत्तरी पहाड़ी जिले वायनाड में रातभर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुए और बाढ़ आयी जिससे हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। अधिकारियों ने आज बताया कि जिले के पश्चिमी घाट में भूस्खलन और जमीन धंसने के कारण कई लोगों को कल अपने घर छोड़कर भागना पड़ा। वहीं निचले इलाकों में रह रहे लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में 124 राहत शिविरों में 13,800 से अधिक लोगों को शरण दी गई है। निचले इलाके डूब गए हैं। बानसुरा सागर बांध से क्षमता से अधिक पानी निकालने के लिए कल रात उसके द्वार खोले गए। कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ समेत उत्तरी केरल जिलों के कई हिस्सों में भी बीती रात बारिश हुई। इडुक्की जलाशय से संबद्ध चेरुथोनी बांध के दो द्वार कल शाम बंद कर दिए गए।
बांध में पानी का स्तर घट रहा है जिससे निचले इलाकों खासतौर से एर्नाकुलम जिले में लोगों के प्रभावित होने का डर कम हो रहा है। हालांकि, मुल्लापेरियार बांध में जल स्तर 136 फुट पर पहुंच गया है जिससे अधिकारियों को अलर्ट जारी करना पड़ा। बांध के तलहटी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने पम्बा नदी में तेजी से जल स्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को सबरीमाला तीर्थयात्रा ना करने की सलाह दी है।
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केरल के कई हिस्सों में कल मूसलाधार बारिश हुई जिससे जमीन धंसने के कारण पहले से ही परेशान लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। राज्य में बारिश के कारण छह दिनों में 39 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) ने बताया कि केरल में मानसून से संबंधित घटनाओं में 187 लोगों की जान जा चुकी हैं। वहीं 14 जिलों में 2,406 गांव बारिश तथा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं तथा 26,400 हेक्टेयर से अधिक की फसल बर्बाद हो गई है। मलप्पुरम, कोझिकोड, इडुक्की और वायनाड जिलों में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन की खबरें हैं
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अधिकारियों ने बताया कि जिले में 124 राहत शिविरों में 13,800 से अधिक लोगों को शरण दी गई है। निचले इलाके डूब गए हैं। बानसुरा सागर बांध से क्षमता से अधिक पानी निकालने के लिए कल रात उसके द्वार खोले गए। कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ समेत उत्तरी केरल जिलों के कई हिस्सों में भी बीती रात बारिश हुई। इडुक्की जलाशय से संबद्ध चेरुथोनी बांध के दो द्वार कल शाम बंद कर दिए गए।
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बांध में पानी का स्तर घट रहा है जिससे निचले इलाकों खासतौर से एर्नाकुलम जिले में लोगों के प्रभावित होने का डर कम हो रहा है। हालांकि, मुल्लापेरियार बांध में जल स्तर 136 फुट पर पहुंच गया है जिससे अधिकारियों को अलर्ट जारी करना पड़ा। बांध के तलहटी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने पम्बा नदी में तेजी से जल स्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को सबरीमाला तीर्थयात्रा ना करने की सलाह दी है।
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केरल के कई हिस्सों में कल मूसलाधार बारिश हुई जिससे जमीन धंसने के कारण पहले से ही परेशान लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। राज्य में बारिश के कारण छह दिनों में 39 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) ने बताया कि केरल में मानसून से संबंधित घटनाओं में 187 लोगों की जान जा चुकी हैं। वहीं 14 जिलों में 2,406 गांव बारिश तथा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं तथा 26,400 हेक्टेयर से अधिक की फसल बर्बाद हो गई है। मलप्पुरम, कोझिकोड, इडुक्की और वायनाड जिलों में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन की खबरें हैं