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रेलवे को फ्री में नहीं मिलेगा 5जी स्पेक्ट्रम, उतरना होगा नीलामी में
Sun, 06 Jan 2019 03:26 AM IST
गौरव द्विवेदी
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 06 Jan 2019 03:26 AM IST
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अपने नेटवर्क को 5जी सेवाओं से सुसज्जित करने की योजना बना रहे रेल मंत्रालय को दूरसंचार मंत्रालय ने झटका दे दिया है। दूरसंचार मंत्रालय ने न्यायिक आदेशों का हवाला देकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की शुरुआती कीमत वाला 5जी स्पेक्ट्रम मुफ्त में देने से इनकार कर दिया है।
दूरसंचार मंत्रालय का कहना है कि रेलवे को इसके लिए नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना होगा। बता दें कि रेल मंत्रालय ने गत दिसबंबर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने और स्टेशनों व ट्रेन में वाई-फाई मुहैया कराने के लिए 5जी स्पेक्ट्रम मांग रखी थी।
दूरसंचार विभाग के मुताबिक, सरकार के पास वर्तमान में मौजूद 5जी स्पेक्ट्रम से देश की आधी आबादी को दूरसंचार सेवाएं मुहैया करायी जा सकती हैं। रेलवे स्पेक्ट्रम का व्यवसायिक इस्तेमाल करेगी, इसलिए उसे निशुल्क स्पेक्ट्रम मुहैया कराने से नीलामी की कतार में खड़ी दूरसंचार कंपनियों को इससे वंचित करना पड़ेगा।
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गौरतलब है कि 5जी पर दूरसंचार मंत्रालय रूपरेखा तैयार कर चुका है और निजी क्षेत्र की कंपनियों को स्पेक्ट्रम मुहैया कराने की नीति पर आगे काम चल रहा है। लेकिन बिना 5जी के रेलवे की पूरी योजना महज कागजी दस्तावेज बनकर रह जाएगी, जो सरकारी विभाग होने के नाते बिना प्रक्रिया के स्पेक्ट्रम हासिल हो जाना तय मानकर चल रहा था। अब देखना है कि दो मंत्रालयों के बीच प्रक्रिया की रस्साकसी से सरकार कैसे निपटती है।
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दूरसंचार मंत्रालय का कहना है कि रेलवे को इसके लिए नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना होगा। बता दें कि रेल मंत्रालय ने गत दिसबंबर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने और स्टेशनों व ट्रेन में वाई-फाई मुहैया कराने के लिए 5जी स्पेक्ट्रम मांग रखी थी।
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दूरसंचार विभाग के मुताबिक, सरकार के पास वर्तमान में मौजूद 5जी स्पेक्ट्रम से देश की आधी आबादी को दूरसंचार सेवाएं मुहैया करायी जा सकती हैं। रेलवे स्पेक्ट्रम का व्यवसायिक इस्तेमाल करेगी, इसलिए उसे निशुल्क स्पेक्ट्रम मुहैया कराने से नीलामी की कतार में खड़ी दूरसंचार कंपनियों को इससे वंचित करना पड़ेगा।
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गौरतलब है कि 5जी पर दूरसंचार मंत्रालय रूपरेखा तैयार कर चुका है और निजी क्षेत्र की कंपनियों को स्पेक्ट्रम मुहैया कराने की नीति पर आगे काम चल रहा है। लेकिन बिना 5जी के रेलवे की पूरी योजना महज कागजी दस्तावेज बनकर रह जाएगी, जो सरकारी विभाग होने के नाते बिना प्रक्रिया के स्पेक्ट्रम हासिल हो जाना तय मानकर चल रहा था। अब देखना है कि दो मंत्रालयों के बीच प्रक्रिया की रस्साकसी से सरकार कैसे निपटती है।
2जी मामले में आया आदेश है बाधा
दरअसल 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा था कि दूरसंचार विभाग बिना नीलामी के स्पेक्ट्रम नहीं दे सकता। माना जा रहा है कि यह आदेश 5जी स्पेक्ट्रम पर भी लागू होगा। इसी कारण उसने रेलवे की तरफ से जारी नोट पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है।
इसलिए चाहिए रेलवे को 5जी स्पेक्ट्रम
700 एमएचजेड स्पेक्ट्रम बैंड की मांग रखी थी रेलवे ने
12 लाख सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बनाना चाहता है रेलवे
11 हजार ट्रेनों और 8500 रेलवे स्टेशनों पर लगने हैं ये सीसीटीवी
01 ही नेटवर्क से पूरे देश को जोड़कर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने की है योजना
7300 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा देने की योजना भी है रेलवे की