Indian Railways: रेलवे ने 2017-18 और 2021-22 के बीच सुरक्षा पर खर्च किए एक लाख करोड़, दस्तावेज से खुलासा
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 'सभी खोखले सुरक्षा दावों' का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे की सुरक्षा में गिरावट को लेकर लोगों में गंभीर चिंता है।
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रेलवे ने 2017-2018 और 2021-2022 के बीच सुरक्षा उपायों पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जिसमें पटरियों नवीकरण पर खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।
खरगे ने साधा था केंद्र पर निशाना
सरकार के सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि रेलवे जल्द ही भारत में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की उस रिपोर्ट का जवाब देगा, जिसका हवाला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बालासोर ट्रेन हादसे को लेकर केंद्र पर निशाना साधने के लिए दिया था। खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 'सभी खोखले सुरक्षा दावों' का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे की सुरक्षा में गिरावट को लेकर लोगों में गंभीर चिंता है।
इस कैग रिपोर्ट का दिया था हवाला
खरगे ने अपने पत्र में कहा था कि 2022 की कैग रिपोर्ट 'डिरेलमेंट इन इंडियन रेलवेज' में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि राष्ट्रीय रेल सुरक्षा कोष (आरआरएसके) के वित्तपोषण में 79 फीसदी फीसदी की भारी कमी आई है। बजट पेश करने के दौरान दावा किया गया था कि सालाना करीब 20 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
रेलवे ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए
हालांकि, आधिकारिक दस्तावेज के आंकड़ों से पता चला है कि 2017-18 से 2021-22 तक रेलवे ने आरआरएसके के कार्यों पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। फरवरी 2022 में सरकार ने 2022-23 से आरआरएसके की वैधता को पांच साल के लिए बढ़ा दिया। रेल की पटरियों के नवीनीकरण के आंकड़ों से पता चलता है कि 2017-18 से 2021-22 के दौरान इस पर खर्च ने स्थिर वृद्धि दिखाई है। दस्तावेज में कहा गया है कि पटरियों के नवीकरण पर खर्च 2017-18 में 8,884 करोड़ रुपये से बढ़कर 2020-21 में 13,522 और 2021-22 में 16,558 करोड़ रुपये हो गया।
इसमें कहा गया है कि रेलवे ने इस अवधि के दौरान पटरियों के नवीनीकरण पर कुल 58,045 करोड़ रुपये खर्च किए। 'भारतीय रेलवे में ट्रेन के पटरी से उतरने' पर कैग की 2022 की रिपोर्ट संख्या 22 पिछले साल 21 दिसंबर को संसद में पेश की गई थी।