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रेलवे ने संतरागाछी स्टेशन पर भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित की चार सदस्यीय टीम
भाषा, कोलकाता
Updated Wed, 24 Oct 2018 04:28 PM IST
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Kolkata
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रेलवे ने संतरागाछी स्टेशन पर भगदड़ की घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए बुधवार को चार सदस्यीय एक समिति गठित की। मंगलवार शाम लगभग छह बजे हुए इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी और 15 अन्य घायल हो गए थे। भगदड़ तब मची जब एक एक्सप्रेस ट्रेन और दो लोकल ईएमयू ट्रेन एक ही समय पर स्टेशन पहुंचीं और लोग ट्रेनों में सवार होने के लिए प्लेटफॉर्मों की तरफ भागने लगे।
दक्षिण-पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि जांच समिति में दक्षिण-पूर्वी रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक, प्रधान मुख्य अभियंता, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सह महानिरीक्षक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। वे हादसे के पीछे रेलवे पर लगाए गए ‘‘लापरवाही’’ के आरोपों की जांच करेंगे। घोष ने कहा कि समिति इन दावों की भी जांच करेगी कि एक ट्रेन का प्लेटफॉर्म अंतिम समय पर बदल दिया गया जिससे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर यात्रियों का आवागमन दो तरफ से होने लगा।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे से सबक लेते हुए बुधवार को संतरागाछी स्टेशन तथा एफओबी पर अतिरिक्त रेलवे कर्मी तैनात कर दिए गए जिससे कि ट्रेन से उतरने और ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों का सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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अधिकारी ने बताया कि हादसे के चलते रेल यातायात पर असर नहीं पड़ा है और स्टेशन से ट्रेन निर्धारित समय के अनुसार गुजर रही हैं। हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया था कि आंतरिक समन्वय से घटना को रोका जा सकता था।
उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि समन्वय में कमी है और रेलवे को इसे देखना चाहिए। जब यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने होते हैं तो उन्हें दो ट्रेनों के पहुंचने के समय में कुछ अंतर रखना चाहिए।’’ बनर्जी ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार घटना की जांच करेगी।
घोष ने कहा कि मंगलवार की शाम हावड़ा जनरल अस्पताल में भर्ती कराए गए 12 घायलों में से पांच को छुट्टी दे दी गई है। दो लोगों को आर एन टैगोर अस्पताल में एक निजी सुविधा में भेजा गया है और एक व्यक्ति को यहां स्थित सरकार संचालित एस एस के एम अस्पताल रेफर किया गया है।
उन्होंने कहा कि शेष चार लोगों को दक्षिण-पूर्वी रेलवे केंद्रीय अस्पताल भेजा जाएगा। घोष ने कहा, ‘‘घायल यात्रियों के उपचार का पूरा खर्च रेलवे अधिकारी वहन करेंगे। हावड़ा सरकारी अस्पताल में फिलहाल रेलवे के डॉक्टर घायलों को देख रहे हैं और उन्हें उपचार के लिए सभी आवश्यक मदद उपलब्ध करा रहे हैं।’’ मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
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दक्षिण-पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि जांच समिति में दक्षिण-पूर्वी रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक, प्रधान मुख्य अभियंता, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सह महानिरीक्षक और मुख्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। वे हादसे के पीछे रेलवे पर लगाए गए ‘‘लापरवाही’’ के आरोपों की जांच करेंगे। घोष ने कहा कि समिति इन दावों की भी जांच करेगी कि एक ट्रेन का प्लेटफॉर्म अंतिम समय पर बदल दिया गया जिससे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर यात्रियों का आवागमन दो तरफ से होने लगा।
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रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे से सबक लेते हुए बुधवार को संतरागाछी स्टेशन तथा एफओबी पर अतिरिक्त रेलवे कर्मी तैनात कर दिए गए जिससे कि ट्रेन से उतरने और ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों का सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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अधिकारी ने बताया कि हादसे के चलते रेल यातायात पर असर नहीं पड़ा है और स्टेशन से ट्रेन निर्धारित समय के अनुसार गुजर रही हैं। हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया था कि आंतरिक समन्वय से घटना को रोका जा सकता था।
उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि समन्वय में कमी है और रेलवे को इसे देखना चाहिए। जब यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने होते हैं तो उन्हें दो ट्रेनों के पहुंचने के समय में कुछ अंतर रखना चाहिए।’’ बनर्जी ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार घटना की जांच करेगी।
घोष ने कहा कि मंगलवार की शाम हावड़ा जनरल अस्पताल में भर्ती कराए गए 12 घायलों में से पांच को छुट्टी दे दी गई है। दो लोगों को आर एन टैगोर अस्पताल में एक निजी सुविधा में भेजा गया है और एक व्यक्ति को यहां स्थित सरकार संचालित एस एस के एम अस्पताल रेफर किया गया है।
उन्होंने कहा कि शेष चार लोगों को दक्षिण-पूर्वी रेलवे केंद्रीय अस्पताल भेजा जाएगा। घोष ने कहा, ‘‘घायल यात्रियों के उपचार का पूरा खर्च रेलवे अधिकारी वहन करेंगे। हावड़ा सरकारी अस्पताल में फिलहाल रेलवे के डॉक्टर घायलों को देख रहे हैं और उन्हें उपचार के लिए सभी आवश्यक मदद उपलब्ध करा रहे हैं।’’ मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।