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Railways: रेल बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा, अनुबंध पर दोबारा नियुक्ति को मंजूरी
Thu, 28 Aug 2025 12:21 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:21 PM IST
सार
Railways: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जो अब 1 सितंबर 2025 से आगे तक प्रभावी रहेगा। वह इस पद पर अनुसूचित जाति वर्ग के नियुक्त होने वाले पहले व्यक्ति हैं और भारतीय रेलवे में 34 वर्षों का अनुभव रखते हैं। उनके नवाचारों में 'फॉग सेफ डिवाइस' प्रमुख है, जो कोहरे में ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाता है।
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सतीश कुमार
- फोटो : पीआईबी
विस्तार
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। उनका कार्यकाल 31 अगस्त, 2025 को समाप्त होना था।
सरकार के 27 अगस्त के आदेश में कहा गया है, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा सेवानिवृत्त सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक सितंबर, 2025 से एक और वर्ष के लिए अनुबंध आधारित दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह मौजूदा नियम और शर्तों पर या आगे के आदेश तक होगा, जो भी पहले हो।
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सतीश कुमार की एक सितंबर, 2024 को हुई प्रारंभिक नियुक्ति ने उन्हें बोर्ड के इतिहास में अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले पहले अध्यक्ष और सीईओ बनाया। अधिकारी बताते हैं कि 1986 बैच के भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा (आईआरएसएमई) के विशिष्ट अधिकारी कुमार ने अपने 34 वर्षों के शानदार करियर में भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने मार्च 1988 में भारतीय रेलवे में अपना करियर शुरू किया। तबसे उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और मंडलों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वह रेलवे प्रणाली में नवाचार, दक्षता और सुरक्षा में सुधार लाए हैं। कुमार ने झांसी मंडल (पूर्व केंद्रीय रेलवे), वाराणसी के डीजल लोकोमोटिव वर्क्स, पूर्वोत्तर रेलवे, पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स, लखनऊ मंडल (उत्तर रेलवे), जयपुर मंडल (उत्तर पश्चिम रेलवे) और उत्तर मध्य रेलवे में विभिन्न पदों पर सेवा दी है।
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अधिकारी बताते हैं कि सतीश कुमार का एक महत्वपूर्ण योगदान 'फॉग सेफ डिवाइस' पर उनका काम है, जो कोहरे के समय सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में सहायक साबित हुआ है। अध्यक्ष और सीईओ बनने से पहले कुमार सदस्य (ट्रैक्शन और रोलिंग स्टॉक) के पद पर भी रहे, जो ट्रेन चलाने वाली इंजन प्रणाली और ट्रेन के सभी इंजन और डिब्बों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करता है।
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सरकार के 27 अगस्त के आदेश में कहा गया है, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा सेवानिवृत्त सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक सितंबर, 2025 से एक और वर्ष के लिए अनुबंध आधारित दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह मौजूदा नियम और शर्तों पर या आगे के आदेश तक होगा, जो भी पहले हो।
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सतीश कुमार की एक सितंबर, 2024 को हुई प्रारंभिक नियुक्ति ने उन्हें बोर्ड के इतिहास में अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले पहले अध्यक्ष और सीईओ बनाया। अधिकारी बताते हैं कि 1986 बैच के भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा (आईआरएसएमई) के विशिष्ट अधिकारी कुमार ने अपने 34 वर्षों के शानदार करियर में भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने मार्च 1988 में भारतीय रेलवे में अपना करियर शुरू किया। तबसे उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और मंडलों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वह रेलवे प्रणाली में नवाचार, दक्षता और सुरक्षा में सुधार लाए हैं। कुमार ने झांसी मंडल (पूर्व केंद्रीय रेलवे), वाराणसी के डीजल लोकोमोटिव वर्क्स, पूर्वोत्तर रेलवे, पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स, लखनऊ मंडल (उत्तर रेलवे), जयपुर मंडल (उत्तर पश्चिम रेलवे) और उत्तर मध्य रेलवे में विभिन्न पदों पर सेवा दी है।
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अधिकारी बताते हैं कि सतीश कुमार का एक महत्वपूर्ण योगदान 'फॉग सेफ डिवाइस' पर उनका काम है, जो कोहरे के समय सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में सहायक साबित हुआ है। अध्यक्ष और सीईओ बनने से पहले कुमार सदस्य (ट्रैक्शन और रोलिंग स्टॉक) के पद पर भी रहे, जो ट्रेन चलाने वाली इंजन प्रणाली और ट्रेन के सभी इंजन और डिब्बों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करता है।
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