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Raid: ईडी ने अपने पूर्व सिपाही को किया गिरफ्तार, फर्जी छापेमारी और जाली समन जारी करने का लगा आरोप
Tue, 18 Apr 2023 04:55 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 18 Apr 2023 04:55 PM IST
सार
ईडी ने आरोप लगाया, "सुकुमार कमालिया कोलकाता में अनधिकृत तलाशी अभियान चलाने और जांच अधिकारी के रूप में जांच के तहत एक व्यक्ति को जाली समन जारी करने में शामिल पाया गया था।"
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हथकड़ी
- फोटो : social media
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कोलकाता कार्यालय में काम करने वाले अपने पूर्व सिपाही को गिरफ्तार किया है। पूर्व सिपाही पर कोलकाता शहर में एक कॉफी शॉप पर फर्जी छापेमारी और एक आरोपी को जाली समन जारी करने का आरोप लगा है।
एजेंसी ने बताया कि अर्धसैनिक बल एसएसबी के एक हेड कांस्टेबल रैंक के कर्मी सुकुमार कमालिया ने 2019-20 के बीच प्रतिनियुक्ति पर ईडी के साथ काम किया है। उन्हें 16 अप्रैल को हिरासत में लेने के बाद कोलकाता मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष रोकथाम अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
उन्हें 16 अप्रैल को हिरासत में ले लिया गया था और बाद में कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष रोकथाम अदालत के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 29 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेजा है।
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ईडी ने आरोप लगाया, "सुकुमार कमालिया कोलकाता में अनधिकृत तलाशी अभियान चलाने और जांच अधिकारी के रूप में जांच के तहत एक व्यक्ति को जाली समन जारी करने में शामिल पाया गया था।"
उन्हें इस मामले में एक समन भी जारी किया गया, जिसमें कहा गया है, ''समन उनके मोबाइल से व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था ताकि व्यक्ति उनसे सीधा संपर्क कर उनसे पैसे वसूल सकें।''
एक अन्य मामले में, कर्मियों ने दक्षिण कोलकाता के एक कॉफी शॉप में तलाशी अभियान चलाया और कॉफी शॉप के मालिक को से धमकी देकर 10 लाख रुपये देने को कहा।
एजेंसी ने बताया कि कॉफी शॉप के मालिक ने ईडी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एजेंसी ने मामले का संज्ञान लिया। अपने पूर्व सिपाही के आवास पर छापा मारकर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए।
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एजेंसी ने बताया कि अर्धसैनिक बल एसएसबी के एक हेड कांस्टेबल रैंक के कर्मी सुकुमार कमालिया ने 2019-20 के बीच प्रतिनियुक्ति पर ईडी के साथ काम किया है। उन्हें 16 अप्रैल को हिरासत में लेने के बाद कोलकाता मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष रोकथाम अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
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उन्हें 16 अप्रैल को हिरासत में ले लिया गया था और बाद में कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष रोकथाम अदालत के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 29 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेजा है।
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ईडी ने आरोप लगाया, "सुकुमार कमालिया कोलकाता में अनधिकृत तलाशी अभियान चलाने और जांच अधिकारी के रूप में जांच के तहत एक व्यक्ति को जाली समन जारी करने में शामिल पाया गया था।"
उन्हें इस मामले में एक समन भी जारी किया गया, जिसमें कहा गया है, ''समन उनके मोबाइल से व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था ताकि व्यक्ति उनसे सीधा संपर्क कर उनसे पैसे वसूल सकें।''
एक अन्य मामले में, कर्मियों ने दक्षिण कोलकाता के एक कॉफी शॉप में तलाशी अभियान चलाया और कॉफी शॉप के मालिक को से धमकी देकर 10 लाख रुपये देने को कहा।
एजेंसी ने बताया कि कॉफी शॉप के मालिक ने ईडी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एजेंसी ने मामले का संज्ञान लिया। अपने पूर्व सिपाही के आवास पर छापा मारकर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए।