{"_id":"605bb2ea8ebc3e591351dd3d","slug":"rahul-gandhi-targeted-cm-nitish-kumar-on-bihar-assembly-incident","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहुल ने कहा- बिहार विधानसभा में शर्मनाक घटना से स्पष्ट हुआ कि भाजपा, आरएसएस मय हुए नीतीश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहुल ने कहा- बिहार विधानसभा में शर्मनाक घटना से स्पष्ट हुआ कि भाजपा, आरएसएस मय हुए नीतीश
Thu, 25 Mar 2021 03:15 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 25 Mar 2021 03:15 AM IST
सार
- राहुल गांधी ने कहा, हम डरने वाले नहीं हैं
- कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा, बिहार में लोकतंत्र की हत्या की गई
विज्ञापन
राहुल गांधी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार विधानसभा के भीतर विपक्षी विधायकों के साथ पुलिस की कथित मारपीट को कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा, लोकतंत्र को तोड़ने वालों को खुद को सरकार कहने का कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
बिहार विधानसभा में शर्मनाक घटना से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस के प्रभाव में हैं। विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाना जारी रखेगा। हम डरने वाले नहीं हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, बिहार में लोकतंत्र की हत्या की गई और अगर देश के लोग अब भी अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा। संसदीय परंपराओं से समझौता किया जा रहा है और अगर यह लंबे समय तक चला तो विधानसभा तबाह हो जाएंगी। तब देश कैसे चलेगा।
विज्ञापन
विपक्षी विधायक विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बिल का विरोध कर रहे थे, जो पुलिस को किसी को भी जेल में डालने की शक्ति देता है। अगर जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और जनता की आवाज को ऐसे ही कुचला जाएगा तो देश और संविधान नहीं बचेगा।
विपक्षी दलों ने विधायकों पर हमले की निंदा की
इस बीच, राजद, सपा, आम आदमी पार्टी, डीएमके, टीआरएस, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना ने बिहार विधानसभा में हुई घटना की निंदा की है।
विपक्षी दलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा, यह एक असांविधानिक विधेयक है, जो सत्ता के खिलाफ बोलने वाले शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों को पुलिस द्वारा परेशान करने, दबाने और कुचलने के लिए लाया गया है। यह बिहार में पुलिस राज लागू करने के लिए एक कपटी षड्यंत्र है। यह दिखाता है कि भाजपा देश में सत्ता के लालच में क्या क्या लागू करना चाहती है।