राहुल गांधी बोले, भारत को एक सच्ची सरकार की जरूरत है, जो झूठा प्रचार न करती हो
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद सत्र से एक दिन पहले विपक्षी दलों की बैठक में कहा, भारत को अब एक सच्ची सरकार की जरूरत है। एक ऐसी सरकार जो झूठा प्रचार न करती हो। वह फर्जी दावे न करती हो। मोदी सरकार को संवैधानिक मूल्यों और उनकी भावना से कोई सरोकार नहीं है। राहुल यहीं पर नहीं थमे, उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में भय और धमकी का माहौल है। रिजर्व बैंक के गवर्नर का इस्तीफा दर्शाता है कि मोदी सरकार ने इस बैंक की स्वायत्तता पर भयानक हमला बोला है।
दिल्ली में आयोजित इस 21 राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, रिजर्व बैंक पर अपनी संस्थागत अखंडता से समझौता करने का दबाव डाला गया है। भारत को आज एक ऐसी सरकार की जरुरत है, जो मजदूर वर्ग, किसान और खेत मजदूरों की परवाह करती हो। एक ऐसी सरकार, जो लोगों के सभी वर्गों को सस्ती शिक्षा मुहैया कराती हो। लोगों को उनके काम की पूरी मज़दूरी मिलती हो। सरकार का नौकरी तंत्र युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला हो। भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, ओबीसी, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाती हो।किसी भी लोकतंत्र में पूर्ण सुरक्षा और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए यह बहुत जरूरी है।
उद्यम की भावना को मिले पूरी स्वतंत्रता
राहुल बोले, भारत को ऐसी सरकार चाहिए, जो तेजी से आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध हो। इसमें समावेशी विकास की भावना रहे। ऐसा कुछ न हो, जिससे लोगों और राज्यों के बीच असमानताओं का ग्राफ ऊपर होता जाए। भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो भ्रष्टाचार और लोगों के संसाधनों की लूट में न फंसी हो। एक ऐसी सरकार जो पूरी तरह से एनपीए के लाभकारी क्रॉनी पूंजीपतियों के माध्यम से पूरे बैंकिंग सिस्टम पर हमला नहीं करती हो।
उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो राफेल जैसे भ्रष्टाचार के घोटालों पर षड्यंत्रकारी ढक्कन नहीं डालती हो। आर्थिक विकास छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की चिंताओं को संबोधित करने पर केंद्रित हो। व्यापारियों और उद्योगपतियों का उत्पीड़न खत्म हो। उद्यम की भावना को पूर्ण स्वतंत्रता की अनुमति दी जानी चाहिए।
ऐसी सरकार हो जो केवल नाम बदलने में रुचि न ले : राहुल
राहुल गांधी ने कहा, भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के साथ निर्णायक रूप से कार्य करे। ऐसी सरकार नहीं चाहिए, जो नाम बदलने में यकीन करती हो। विकास की जगह सरकार का ध्यान केवल शहरों और सड़कों का नाम बदलने की तरफ न हो।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों के दौरान हम देश के लोगों के सामने, पूर्ण पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ किए गए कार्यों का एक व्यापक कार्यक्रम पेश करेंगे। गांधी ने कहा कि संविधान को बचाने, संसदीय लोकतंत्र की रक्षा करने, स्वतंत्रता के रूप में सोचने, बोलने और लिखने की आजादी को बचाने के लिए आरएसएस और भाजपा की सरकार को हटाना होगा।