पहले भाजपा को हराएंगे फिर लेंगे प्रधानमंत्री का फैसला : राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर शुक्रवार को कहा कि 2019 के आम चुनाव के बाद यदि सहयोगी दल ऐसा चाहेंगे तो मैं निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री बनूंगा। सहयोगी दलों के साथ बातचीत में हमने फैसला किया है कि चुनाव दो चरणों की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में सभी एकजुट होकर भाजपा को हराएंगे। चुनाव बाद दूसरे चरण में हम प्रधानमंत्री के बारे में निर्णय लेंगे।
मंदिर दौरों पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैं वर्षों से मंदिर, गुरुद्वारों और मस्जिदों में जाता रहा हूं, लेकिन यह मुद्दा अचानक उछला है। मुझे लगता है कि भाजपा इसे पसंद नहीं करती है। भाजपा के लोगों को लगता है कि केवल वे ही मंदिर जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि देश के लोगों पर संकीर्ण विचारधारा थोपी जा रही है। भाजपा से संघर्ष करने का केवल एक ही ‘वैचारिक केंद्र’ है, वह है कांग्रेस।
उन्होंने कहा कि मैं आलोचनाएं और सवालों का सामना करने के लिए तैयार रहता हूं। इनसे परेशान नहीं होता। मैं लोगों को अधिक से अधिक सुनकर उन्हें समझने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं?
मां से बहुत कुछ सीखा
अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि मैंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है। मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया है। मैं पहले ज्यादा अधीर था, लेकिन उन्होंने मुझे धैर्य सिखाया। मैं कोई भी फैसला लेने से पहले बहुत सोचता हूं, जबकि मां तुरंत फैसले ले लेती हैं। राहुल ने नोटबंदी, विदेश नीति और शासन को लेकर भी केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए।
सरकार ने अपने ही लोगों के खिलाफ छेड़ रखी है जंग, पीएम बना तो करूंगा तीन काम
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने अपने ही लोगों के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। सरकार एक विचारधारा को 1.3 अरब लोगों पर थोपना चाहती है। पीएम बनने पर क्या करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे पहले छोटे और मझोले उद्योग को मजबूती दूंगा। दूसरा, किसानों को यकीन दिलाऊंगा कि आप महत्वपूर्ण हैं। तीसरा, मेडिकल और शिक्षा का उच्चस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करूंगा।