राहुल बोले-जैसे-जैसे आगे बढ़ता हूं वैचारिक हमले तेज होते हैं, इनसे मैं परिष्कृत होता हूं
- शिकागो विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि दीपेश चक्रवर्ती से की आनलाइन चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को शिकागो विवि के प्रतिनिधि दीपेश चक्रवर्ती के साथ ऑनलाइन चर्चा में कुछ बातें खुलकर कहीं। उन्होंने कहा कि मैं जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा हूं, वैचारिक हमले तेज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी दादी व पिता तब मारे गए जब वे कुछ बचाव कर रहे थे।
ट्रोल्स करते हैें मेरी मदद
राहुल ने कहा कि जब दूसरे के विचार मुझ पर हमला करते हैं तो मुझे खुद को परिष्कृत करने में मदद मिलती है। ट्रोल्स ने मेरी समझ तेज की है। मुझे क्या करना है, उनसे समझ आता है। वे लगभग मेरे लिए मार्गदर्शक की तरह हैं। वे मुझे बताते हैं कि मुझे कहां जाना है और क्या करना है।
दादी व पिता से सीखा
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मेरी दादी और पिता ने किसी चीज को बचाने के लिए संघर्ष करते हुए जान दी। यह मुझे उनकी और मेरी जगह को समझने में मदद करता है कि मुझे क्या करना चाहिए। कोई पछतावा नहीं है। इस यात्रा में मैं आगे बढ़ चुका हूं। वे विचार अधिक स्फूर्त हैं। अगर आप मुझसे पूछते कि मैं 15-20 साल पहले राजनीति में शामिल होने के बारे में क्यों सोचता था, तो मेरा जवाब आज जो होगा उससे बहुत अलग होगा।
I'm proud that my grandmother & father got killed while standing & defending something. It helps me understand them & my place & what I should be doing. There are no regrets: Congress leader Rahul Gandhi interacts with Dipesh Chakrabarty, Representative, University of Chicago pic.twitter.com/co96tBf1l1— ANI (@ANI) February 12, 2021