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Agnipath Scheme: राहुल गांधी ने अभ्यर्थियों से की मुलाकात, कहा- योजना ने युवाओं के सपनों को किया बर्बाद

Wed, 27 Dec 2023 01:26 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 27 Dec 2023 01:26 AM IST
सार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि युवाओं का यह समूह बिहार के चंपारण से नई दिल्ली पहुंचा है। चंपारण सत्याग्रह की भूमि है। सभी युवा चंपारण से 1000 किलोमीटर दूर पैदल नई दिल्ली पहुंचे हैं। लेकिन किसी भी मीडिया ने इन्हें नहीं दिखाया।

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Rahul Gandhi said Agnipath Scheme ruined dreams of youth
युवाओं से मिले राहुल गांधी। - फोटो : Twitter

विस्तार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर अग्निपथ स्कीम को लेकर हमलावर हुए। राहुल गांधी का कहना है कि योजना ने युवाओं के सपनों को नष्ट कर दिया है। दरअसल, मंगलवार को गांधी ने युवाओं के एक समूह से मुलाकात की, जिसके बाद वे केंद्र की योजना के खिलाफ हमलावर हुए। राहुल का कहना है कि वे सड़क से लेकर संसद तक युवाओं के साथ हैं।  

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सरकार और योजना के खिलाफ हमलावर हुए नेता
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि युवाओं का यह समूह बिहार के चंपारण से नई दिल्ली पहुंचा है। चंपारण सत्याग्रह की भूमि है। सभी युवा चंपारण से 1000 किलोमीटर दूर पैदल नई दिल्ली पहुंचे हैं। लेकिन किसी भी मीडिया ने इन्हें नहीं दिखाया। यह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अग्निपथ योजना शूरू की है, जिसने अनगिनत युवाओं के सपनों को बर्बाद कर दिया है। सरकार ने भारतीय वायुसेना की भर्ती को रद्द कर दिया है। भर्ती के रद्द होने से ना जाने कितने युवा परेशान हुए हैं। हम सड़क से लेकर संसद तक युवाओं के साथ है। हम बेरोजगारी का मुद्दा उठाते रहेंगे। 
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अब जानिए क्या है अग्निपथ योजना?
'अग्निपथ भर्ती योजना' के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 21 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे।  इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसकी शुरुआत 90 दिन के भीतर हो जाएगी। इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा। 

अग्निवीरों को मिलेंगे नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के पूरे अवसर 
अग्निवीरों के भविष्य और अग्निपथ स्कीम को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां सामने आ रही हैं, जिन्हें सरकारी सूत्रों ने नकारते हुए तथ्य जारी किए हैं। पढ़िए इनके बारे में।

1. भ्रांति: अग्निवीरों का भविष्य असुरक्षित है।
तथ्य:

  • जो युवा उद्यमी बनने के इच्छुक हैं, उन्हें वित्तीय पैकेज व बैंक लोन मिलेंगे
  • जो आगे पढ़ने के इच्छुक हैं, उन्हें 12वीं के समकक्ष प्रमाणपत्र देकर ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा
  • जो जॉब करना चाहते हैं, उन्हें केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों व राज्य पुलिस में प्राथमिकता मिलेगी
  • कई अन्य सेक्टर भी इन अग्निवीरों के लिए खोले जाएंगे।

2. भ्रांति: अग्निपथ की वजह से युवाओं के लिए अवसर घटेंगे
तथ्य:
युवाओं के लिए सशस्त्र सैन्य बलों में जाने के अवसर बढ़ेंगे। आज सशस्त्र सेनाओं में जितनी संख्या है, अग्निवीरों की भर्ती इससे तीन गुना होगी।

3. भ्रांति: रेजिमेंटल निष्ठा पर असर पड़ेगा
तथ्य:
सरकार रेजिमेंटल प्रणाली में कोई बदलाव नहीं कर रही है। बल्कि यह प्रणाली और मजबूत बनेगी क्योंकि यहां श्रेष्ठ अग्निवीर चुनकर आएंगे, इससे सामंजस्य में और भी सुधार आएगा।

4. भ्रांति: इससे सशस्त्र सैन्य बलों की कार्यक्षमता को नुकसान होगा।
तथ्य:
अधिकतर देशों में छोटी अवधि के लिए सैन्य भर्ती व्यवस्था है, यह युवा और चुस्त सेना के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले साल में भर्ती होने वाले अग्निवीर कुल सशस्त्र सैन्य बल के 3% होंगे। उनका प्रदर्शन जांच कर चार साल बाद सेना में फिर शामिल किया जाएगा। इस प्रकार सेना को वरिष्ठ रैंक पर जांचे-परखे सैनिक मिलेंगे।



5. भ्रांति: सेना के लिए 21 साल के सैनिक अपरिपक्व और विश्वास के काबिल नहीं होंगे।
तथ्य:
विश्व की अधिकतर सेनाएं युवाओं पर निर्भर हैं। किसी भी समय सेना में अनुभवी लोगों से युवाओं की संख्या ज्यादा नहीं होगी। बल्कि अग्निपथ योजना से भी धीरे-धीरे 50-50 प्रतिशत युवा व अनुभवी वरिष्ठ रैंक अधिकारियों का अनुपात कायम होगा।

6. भ्रांति: सेना के लिए खतरा, आतंकियों से मिल सकते हैं।
तथ्य:
ऐसा सोचना सेना के मूल्यों और प्रतिष्ठा का अपमान है। जो युवा 4 साल सेना की यूनिफॉर्म पहनेंगे, वे देश के प्रति समर्पित रहेंगे। हजारों सैनिक रिटायर होते हैं, लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें वे देश विरोधी ताकतों से मिल गए हों।


 

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