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Rahul Gandhi: 'निवेशक मेहनत की कमाई खो देते हैं तो जिम्मेदार कौन?', हिंडनबर्ग मामले में राहुल गांधी हमलावर
Sun, 11 Aug 2024 08:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 11 Aug 2024 08:13 PM IST
सार
हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया है कि उसे संदेह है कि अदाणी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में सेबी की अनिच्छा का कारण यह हो सकता है कि बुच की अदाणी समूह से जुड़े विदेशी फंडों में हिस्सेदारी थी।
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Rahul Gandhi
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अमेरिका की शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की नई रिपोर्ट आने के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और उसकी प्रमुख माधवी पुरी बुच विपक्ष के निशाने पर हैं। मामले में अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छोटे खुदरा निवेशकों की संपत्ति की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सेबी की प्रतिष्ठा को उसके चेयरपर्सन पर लगे आरोपों ने गंभीर रूप से ठेस पहुंचाई है।
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उन्होंने कहा, 'देश भर के ईमानदार निवेशकों के पास सरकार के लिए महत्वपूर्ण सवाल हैं- सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया? अगर निवेशक अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेबी अध्यक्ष या गौतम अदाणी? सामने आए नए और बेहद गंभीर आरोपों के मद्देनजर क्या सुप्रीम कोर्ट इस मामले की फिर से स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगा?' उन्होंने कहा कि अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी जेपीसी जांच से इतना क्यों डरते हैं और इससे क्या पता चल सकता है।
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राहुल ने एक वीडियो साझाकर कहा, 'कल्पना कीजिए कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो रहा हो और मैच देखने वाला, मैच खेलने वाला हर व्यक्ति जानता हो कि अंपायर न्यायसंगत नहीं हैं। ऐसे में मैच का क्या होगा? मैच की निष्पक्षता और परिणाम का क्या होगा? मैच में भाग लेने वाले व्यक्ति के रूप में आपको कैसा लगेगा? भारतीय शेयर बाजार में बिल्कुल यही हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में लोग भारत के शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। वे अपनी मेहनत की कमाई, ईमानदारी से कमाई गई बचत को शेयर बाजार में लगा रहे हैं। विपक्ष के नेता (लोकसभा में) के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि मैं आपके ध्यान में लाऊं कि भारतीय शेयर बाजार में जोखिम से घिरा हुआ है, क्योंकि शेयर बाजार को नियंत्रित करने वाली संस्था के साथ समझौता किया गया है।'
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बुच और धवल ने आरोपों को निराधार बताया
इससे पहले बुच और उनके पति धवल ने आरोपों को निराधार बताया था। दंपति ने कहा कि हिंडनबर्ग पूंजी बाजार नियामक की विश्वसनीयता पर हमला कर रही है और चेयरपर्सन के चरित्र हनन का भी प्रयास कर रही है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया है कि उसे संदेह है कि अदाणी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में सेबी की अनिच्छा का कारण यह हो सकता है कि बुच की अदाणी समूह से जुड़े विदेशी फंडों में हिस्सेदारी थी।
सेबी ने भी जारी किया बयान
मामले में सेबी ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा कि उसने अदाणी समूह के खिलाफ सभी आरोपों की विधिवत जांच की है। बयान में कहा गया कि उसकी चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने समय-समय पर संबंधित जानकारी दी और संभावित हितों के टकराव से जुड़े मामलों से खुद को अलग रखा। उसने अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों की विधिवत जांच की है। उसकी 26 जांचों में से अंतिम जांच अब पूरी होने वाली है।