Amit Shah Vs Rahul Gandhi in Lok Sabha: 'आपकी मुंसिफी से संसद नहीं चलेगी'; राहुल गांधी की किस बात पर भड़के शाह
लोकसभा में बुधवार को अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी के हस्तक्षेप से माहौल अचानक गर्मा गया। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जहां राहुल ने शाह को डिबेट की चुनौती दी, तो शाह ने कहा कि वे उकसावे में नहीं आएंगे और अपने क्रम से ही बोलेंगे।
लोकसभा में बुधवार को अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी के हस्तक्षेप से माहौल अचानक गर्मा गया। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जहां राहुल ने शाह को डिबेट की चुनौती दी, तो शाह ने कहा कि वे उकसावे में नहीं आएंगे और अपने क्रम से ही बोलेंगे।
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लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। आइए यहां पढ़िए सिलसिलेवार बातचीत...
अमित शाह: विपक्ष के नेता की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दूंगा। एक सादी वाली। एक एटम बम वाली। एक हाइड्रोजन बम वाली। ...हर सवाल का जवाब दूंगा।
राहुल गांधी: यह एक अच्छा विचार है कि आइए हम प्रेस कॉन्फ्रेंस में चर्चा करें। अमित शाह जी, मैं आपको इसके लिए चुनौती देता हूं। हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार चुनाव आयुक्तों को पूरी इम्युनिटी दी जा रही है। इसके पीछे की सोच क्या है, वो सबसे पहले बताएं।
अमित शाह: मैं 30 साल से विधानसभा और संसद में जनप्रतिनिधि के रूप में चुनकर आया हूं। मुझे संसदीय प्रणाली का लंबा अनुभव है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि पहले मेरी बात का आप जवाब दीजिए। ...आपकी मुंसिफी से संसद नहीं चलेगी। मेरे यहां बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। इस तरह से संसद नहीं चलेगी। इन्हें धैर्य रखना चाहिए। इनकी एक-एक बात का जवाब मैं दूंगा, लेकिन मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते।
राहुल गांधी: अगर आपने गृह मंत्री की प्रतिक्रिया सुनी हो, तो यह उनका डरा हुआ रिस्पॉन्स है। वे डरे हुए हैं।
अमित शाह: मैंने आपके (राहुल गांधी के) चेहरे पर चिंता की लकीरें देख ली हैं। मैं आपके उकसावे में नहीं आऊंगा। लेकिन मैं अपने क्रम में ही बोलूंगा। मेरा भाषण मेरे क्रम से ही चलेगा, लेकिन वे विपक्ष के नेता हैं तो उन्हें बोलने का अधिकार है। मैं समझ सकता हूं कि वो ऐसा क्यों बोल रहे हैं। लेकिन आपको हमारी भी सुननी चाहिए। हमने कल बीच में खड़े होकर नहीं कहा था कि आप झूठ बोल रहे हैं।
विपक्ष पर भी बरसे शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हम सबका साझा दायित्व है। हम भी विपक्ष में बैठे हैं। हम जीत से ज्यादा हारे हैं। कई चुनाव हम हारे हैं। हमने चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग पर कभी आरोप नहीं लगाए। एक नया पैटर्न खड़ा किया गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए, स्टालिन ने लगाए, राहुल गांधी ने लगाए, खरगे जी ने लगाए, अखिलेश जी ने लगाए, हेमंत सोरेन ने लगाए, भगवंत मान ने लगाए। पहले ऐसी परंपरा सिर्फ कांग्रेस में थी। लेकिन कड़ी ऐसी जुड़ी की यह आरोप अब इंडी अलायंस के लोग भी लगाने लगे।
उन्होंने कहा 'आप पूरे चुनाव आयोग की छवि को पूरी दुनिया में धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। आपको लग रहा है कि आप सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं, आप देश की छवि खराब कर रहे हैं।' अमित शाह ने कहा मतदाता को मालूम है कि हमने वोट दिया है इसलिए चुनकर आए हैं। उन्हें कोई चिंता नहीं है। हम बिहार में इसीलिए दो-तिहाई सीट लेकर जीतकर आए हैं। लेकिन ये जो परंपरा है कि चुनाव न जीतें तो चुनाव प्रक्रिया को बदनाम करो, चुनाव आयोग को बदनाम करो। ये लोग चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं।
ममता, स्टलिन, राहुल, अखिलेश और हेमंत सोरेन ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। इसमें सभी लोग इंडी गठबंधन के हैं। ये एक संवैधानकि प्रक्रिया है। आप लोगों ने पूरी दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि को धूमिल किया है। मतदाता को मालूम है कि हमने चुना है इसीलिए ये लोग सत्ता में आए हैं। ये एक प्रक्रिया चलने लगी है कि आप जब चुनाव जीतो तो ठीक हार जाओ तो सवाल उठाने लगो। इसके साथ ही कहा कि अगर मतदाता सूची गलत है तो क्यों शपथ ली।