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कांग्रेस की मजबूती के लिए राहुल दक्षिण तो प्रियंका ने संभाला यूपी का मोर्चा
Sun, 28 Feb 2021 02:13 AM IST
Jeet Kumar
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली।
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Feb 2021 02:13 AM IST
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Rahul Gandhi- Priyanka gandhi Vadra
- फोटो : Twitter
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देश में कमजोर हो रही कांग्रेस को मजबूती देने के लिए राहुल गांधी ने दक्षिण भारत को मोर्चा संभाला है तो उनकी बहन व पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपना सारा ध्यान उत्तर प्रदेश पर केंद्रित किया है। राहुल लगातार दक्षिण के राज्यों का दौरा कर पार्टी की जमीन पर पकड़ पुख्ता करने में जुटे हैं।
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वहीं प्रियंका वाराणसी, प्रयागराज, पश्चिम यूपी के जिलों का दौरा कर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जनाधार तैयार कर रही हैं।
राहुल के दक्षिण और उत्तर भारत संबंधी विवादित बयान के बाद भले ही उनकी आलोचना हो रही है लेकिन कहीं ने कहीं उन्हें इस बात का अहसास हो गया है कि दक्षिण के राज्य एक बार फिर पार्टी को मुसीबत से निकालने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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उन्हें लग रहा है कि शायद दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी के रास्ते पर चलकर वह दक्षिण भारत से खुद को भी स्थापित कर पार्टी में जान फूंक सकेंगे। जून के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर फिर चुनावी प्रक्रिया शुरू होनी है।
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ऐसे में राहुल चाहते हैं कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कम से कम तीन राज्यों पुडुचेरी, केरल और डीएमके साथ तमिलनाडु में पार्टी की वापसी हो ताकि मई में नतीजों के बाद जब पार्टी अध्यक्ष को लेकर भूमिका तय हो तो उनकी दावेदारी पर कोई संदेह न हो।
हालांकि जम्मू में जिस तरह असंतुष्टों ने खुलकर पार्टी और गुलाम नबी आजाद को मजबूत करने की बात कही उससे साफ है कि पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में राहुल को चुनौती भी मिल सकती है।
तीस सालों से उत्तर प्रदेश की राजनीति से लगभग गायब कांग्रेस की वापसी प्रियंका गांधी की बड़ी चुनौती है। खुद को सक्रिय राजनीति में लाने के बाद प्रियंका अभी तक भीड़ तो जुटा रही हैं लेकिन इसका फायदा पार्टी को नहीं मिल पा रहा है।
यही कारण है कि वह हाल के दिनों में लगातार प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रैली, सभाएं और दौरे कर धर्म और जाति में बंटी राज्य की राजनीति में पार्टी के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रही है। उन्होंने पिछले चुनाव में और इस बार भी गंगा पट्टी से जुड़े शहरों पर फोकस किया है। वह लगातार पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से जुड़ रही हैं।
हाल में दो बार प्रयागराज का दौरा किया और निषाद समुदाय के साथ खड़ी हुईं। वाराणसी में गुरु रविदास की जन्मस्थली में वे दूसरी बार पहुंची हैं। प्रियंका नए प्रयोग के साथ समाज के ऐसे तबके जुड़ना चाहती है जो वर्तमान राजनीतिक बंटवारे में अलग-थलग है।