राष्ट्रपति चुनाव नहीं, किसान और बेरोजगारी पर है राहुल का ध्यान
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राष्ट्रपति चुनाव के बदले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ध्यान किसान और बेरोजगारी के मुद्दे पर है। नानी से मिलने इटली गए राहुल स्वदेश लौटने के बाद किसानों की समस्या और बेरोजगारी के मुदे को लेकर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। उनके करीबी नेता आंदोलन की रूपरेखा बनाने में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष के एक करीबी नेता का कहना है कि राहुल गांधी सांकेतिक राजनीति के बजाय देश के असल मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार को घेरेंगे। देश में अलग—अलग राज्यों में किसान आत्महत्या को मजबूर है। और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। लेकिन इन रियल मुद्दों से सरकार ने जनता का ध्यान बंटाया हुआ है। मगर राहुल गांधी देशव्यापी दौरा कर केंद्र सरकार की किसान और रोजगार नीति को जनता के सामने बेनकाब करेंगे।
राहुल के वजह से ही किसानों की समस्या बनी है राष्ट्रीय
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि राहुल गांधी के वजह से ही किसानों की समस्या आज राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बनी हुई हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी खाट यात्रा के जरिए राहुल ने किसानों के बीच जाकर मुद्दा गरमाया था। तब उन्होंने 2 करोड किसानों का शपथ पत्र भरवाकर महामहिम राष्ट्रपति को सौंपा था। जिससे दबाव में आकर पीएम मोदी को यूपी में ऐलान करना पडा था कि राज्य में उनकी सरकार आने पर मंत्रीमंडल की पहली बैठक में ही किसानों का कर्ज माफ होगा।
अब योगी सरकार की कर्जमाफी के कदम ने ही देशभर में भाजपा की मुश्किलें बढा रखी हैं। पार्टी के अपने शासित राज्यों में ही ज्यादा किसानों का असंतोष नजर आया है। ठीक इसी तरह रोजगार के अवसर मुहैया कराने के मामले में भी भाजपा बैकफूट पर है। पीएम मोदी ने आगरा की रैली में वर्ष 2013 में ऐलान किया था कि केंद्र में उनकी सरकार बनने के बाद वे हर वर्ष 1 करोड युवाओं को रोजगार मुहैया कराएंगे। मगर यहां भी उनका दावा कमजोर पडता दिख रहा है।
किसानों के मुद्दों के जरिए कांग्रेस देख रही अपनी वापसी
सूत्र बताते हैं कि किसान समस्या राष्ट्रीय स्तर पर सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ग्रामीण असंतोष के मुद्दे के जरिए अपनी वापसी देख रही है। तो उसे लगता है कि बेरोजगारी के मुद्दे के जरिए युवाओं के बीच पीएम मोदी की चमक को फींकी की जा सकती है। यही वजह है कि टीम राहुल के नेता बेरोजगारी और किसान के मुद्दे को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। स्वदेश लौटने के बाद राहुल इस रणनीति को अंतिम रूप देंगे। संभवत: बरसात का असर कम होते राहुल देशव्यापी दौरे पर निकलेंगे।