फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rahul Gandhi had no political clearance for London visit, reveal govt sources

Rahul Gandhi London Visit: सरकार का खुलासा- राहुल ने नहीं ली थी राजनीतिक मंजूरी, कांग्रेस का पलटवार- सांसदों को इसकी जरूरत नहीं

Wed, 25 May 2022 09:08 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 25 May 2022 09:08 PM IST
सार

राहुल ने 'आइडिया फॉर इंडिया' कॉन्क्लेव में चर्चा में हिस्सा लिया था और इस दौरान कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और भारत के संविधान पर हमला हो रहा है।

विज्ञापन
Rahul Gandhi had no political clearance for London visit, reveal govt sources
लंदन में राहुल - फोटो : Twitter@ Rahul Gandhi

विस्तार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हाल ही में ब्रिटेन की यात्रा और विशेष रूप से ब्रिटिश लेबर पार्टी के नेता और लंदन में सांसद जेरेमी कॉर्बिन के साथ उनकी मुलाकात सवालों के घेरे में आ गई। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने खुलासा किया है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तय प्रक्रिया को छोड़ दिया और अपनी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं मांगी थी। शीर्ष सूत्रों ने एएनआई को बताया कि एक अन्य संसद सदस्य राष्ट्रीय जनता दल के प्रोफेसर मनोज झा भी उसी समारोह में गए थे, जिसमें राहुल गांधी ने हिस्सा लिया था। उन्होंने सभी तरह की अनुमति ली थी जिसमें उचित राजनीतिक मंजूरी भी शामिल थी। झा ने राहुल गांधी से एक दिन पहले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में भी चर्चा में हिस्सा लिया था। मंगलवार को राहुल गांधी ने यूके लेबर पार्टी के नेता और जाने-माने भारत-विरोधी जेरेमी कॉर्बिन के साथ मुलाकात के बाद एक तस्वीर खिंचवाई, जिससे कांग्रेस और भाजपा के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया।

विज्ञापन


राहुल ने कहा था, भारत में लोकतंत्र खतरे में है 
राहुल ने 'आइडिया फॉर इंडिया' कॉन्क्लेव में चर्चा में हिस्सा लिया था और इस दौरान कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और भारत के संविधान पर हमला हो रहा है। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हर मुद्दे पर जानबूझकर चुप रहने का भी आरोप लगाया। ट्विटर पर राहुल गांधी और भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर के बीच भी बहस भी हुई। भारतीय विदेश सेवा में पूर्ण बदलाव के संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि बदलाव को अहंकार नहीं बल्कि विश्वास और राष्ट्रीय हित की रक्षा कहा जाता है।
विज्ञापन


जयशंकर ने दिया राहुल को करारा जवाब 
राहुल गांधी ने लंदन में एक कार्यक्रम में कहा था कि यूरोप में नौकरशाहों ने उन्हें बताया था कि आईएफएस बदल गया है और अधिकारी अभिमानी हैं। जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा कि आईएफएस अधिकारी सरकार के आदेशों का पालन करते हैं और दूसरों की दलीलों का मुकाबला करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हैं। जयशंकर ने जवाब दिया- हां, भारतीय विदेश सेवा बदल गई है। हां, वे सरकार के आदेशों का पालन करते हैं। हां, वे दूसरों के तर्कों का विरोध करते हैं। नहीं, इसे अहंकार नहीं कहा जाता है। इसे कॉन्फिडेंस कहते हैं। और इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना कहा जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया 
कांग्रेस ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लंदन जाने के लिए राजनीतिक मंजूरी की आवश्यकता है। कांग्रेस ने कहा कि सांसदों को सरकार से ऐसी किसी भी मंजूरी की जरूरत नहीं है, जब तक कि वे एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा न हों। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, सांसदों को पीएम या सरकार से राजनीतिक मंजूरी की जरूरत नहीं है, जब तक कि वे आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा न हों। कृपया टीवी चैनलों को भेजे गए पीएमओ के व्हाट्सएप सुझावों का आंख मूंदकर पालन न करें। सुरजेवाला ने एक मीडिया रिपोर्ट को भी टैग किया जिसमें सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गांधी ने ब्रिटेन की यात्रा के लिए सरकार से राजनीतिक मंजूरी नहीं ली थी।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सभी सांसदों को किसी भी विदेश यात्रा से तीन सप्ताह पहले विदेश मंत्रालय को सूचित करने और राजनीतिक मंजूरी लेने की जरूरत है। उन्हें विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर विवरण पोस्ट करना होता है। रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी ट्वीट किया कि वह (राहुल गांधी) पत्रकार नहीं हैं जिन्हें अपनी पत्रकारिता करने के लिए पीएमओ से मंजूरी लेनी पड़े। मीडिया रिपोर्टों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया तब आई जब गांधी की लंदन में ब्रिटिश लेबर नेता जेरेमी कोर्बिन के साथ मुलाकात के बाद भाजपा ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने यूके के विपक्षी नेता के भारत विरोधी विचारों का समर्थन किया है।


शशि थरूर ने किया राहुल का समर्थन 
वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को लंदन में ब्रिटिश लेबर लीडर जेरेमी कॉर्बिन के साथ राहुल गांधी की मुलाकात के बाद कहा कि कूटनीति में शत्रुतापूर्ण विचार रखने वाले किसी व्यक्ति के साथ जुड़ना देश के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है, न कि केवल दोस्तों से या पहले से ही आपके पक्ष में रहे व्यक्ति से मिलना। वामपंथी नेता के साथ राहुल गांधी की मुलाकात पर आपत्ति जताते हुए भाजपा ने मंगलवार को उनसे पूछा कि क्या वह ब्रिटेन के विपक्षी नेता के भारत विरोधी विचारों का समर्थन करते हैं।


कांग्रेस ने गांधी की मुलाकात को सही ठहराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कॉर्बिन की तस्वीरें साझा करते हुए पूछा कि क्या उन्होंने भी ब्रिटेन के लेबर नेता और सांसद के भारत विरोधी विचारों का समर्थन किया है। बिना किसी का नाम लिए विवाद का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि लोकतंत्र का दौरा करते समय विपक्षी दलों के नेताओं से मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है, खासकर जब आगंतुक भी लोकतंत्र से हो। थरूर ने एक ट्वीट में कहा, विदेश में किसी से मिलना शिष्टाचार का कार्य है, जो उसके सभी विचारों और नजरिए का भले ही समर्थन नहीं करता हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed