राहुल गांधी बोले, भारत बना दुनिया का रेप कैपिटल, मनोज तिवारी ने बताया मानसिक रूप से परेशान
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केरल से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में देश में बढ़ती हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि लोग अपने हाथ में कानून इसलिए ले रहे हैं क्योंकि इस देश को चलाने वाला शख्स हिंसा में विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनियाभर में दुष्कर्म की राजधानी के तौर पर जाना जाता है।
राहुल ने कहा, 'भारत दुनियाभर में दुष्कर्म की राजधानी के तौर पर जाना जाता है। दूसरे देश यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर क्यों भारत अपनी बेटियों और बहनों की सुरक्षा करने में नाकाम है। यूपी से एक भाजपा विधायक पर महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप है और प्रधानमंत्री ने इसपर एक शब्द तक नहीं कहा।'
#WATCH Rahul Gandhi in Wayanad,Kerala: India is known as the rape capital of the world. Foreign nations are asking the question why India is unable to look after its daughters & sisters. A UP MLA of BJP is involved in rape of a woman & the Prime Minister doesn't say a single word pic.twitter.com/FOE35sflGT
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 7, 2019
राहुल के इस बयान पर भाजपा नेता मनोज तिवारी ने पलटवार किया है। मनोज तिवारी ने कहा राहुल गांधी कभी भी भारत को एक गर्वित देश के रूप में न तो देख सकते हैं, न बना सकते हैं। समय-समय पर वह ऐसे बयान देते रहते हैं जो उन्हें मानसिक रूप से परेशान दिखाता है। पहले भी उन्होंने पीएम के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें अदालत में माफी मांगनी पड़ी।
Manoj Tiwari, BJP on Rahul Gandhi's statement "India is known as rape capital of world": Rahul Gandhi can never see or make India a proud country. Time & again, he gives statements that makes him look 'mentally disturbed'. He used wrong words for PM & he had to apologise in court pic.twitter.com/SO4GadMb6d
— ANI (@ANI) December 7, 2019
कांग्रेस नेता ने कहा, आपने देश भर में हिंसा में वृद्धि देखी है, 'अराजकता और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं। रोजाना हम तरह की खबरें पढ़ते हैं कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और पिटाई की घटनाएं हो रही है। अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा हो रही है, उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है। दलितों के खिलाफ हिंसा हो रही है, उन्हें पीटा जा रहा है, उनके हाथ काटे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं, उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं। हिंसा में हो रहे इस नाटकीय वृद्धि का एक कारण है। हमारे संस्थागत संरचनाओं के टूटने का एक कारण है, लोगों के कानून अपने हाथ में लेने का एक कारण है। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि जो आदमी इस देश को चला रहा है वह हिंसा में और अव्यवस्थित शक्ति में विश्वास करता है।'