राहुल गांधी ने फिर साधा केंद्र पर निशाना, कहा- 'न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण सरकार की सोच'
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को फिर ट्वीट कर मोदी सरकार पर आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण’ इस सरकार की सोच है।
उन्होंने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘मोदी सरकार की सोच - न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण।’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ‘कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ्तरों को स्थाई ‘स्टाफ-मुक्त’ बनाना है, युवा का भविष्य चुराना है, ‘मित्रों’ को आगे बढ़ाना है।’
राहुल गांधी ने जो खबर साझा की है उसके मुताबिक, कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने नई सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक लगा दी है।
सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक संबंधी आदेश वापस ले सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने गैर जरूरी खर्चों में कटौती से जुड़े सरकार के प्रस्ताव को लेकर शनिवार को कहा कि नई नौकरियों के सृजन पर रोक ‘जन विरोधी कदम’ है और इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा कि ‘इस समय देश की आर्थिक स्थिति बहुत ही बुरी हालत में है। 45 साल में पहली बार जीडीपी में इतनी गिरावट हो रही है। इस घनघोर आर्थिक संकट से उबरने के लिए सरकार को एक कदम आगे बढ़कर आना चाहिए, जैसे दुनिया के बाकी देश कर रहे हैं।’
उन्होंने सवाल किया कि ‘निजी क्षेत्र में तो छंटनी चल रही है, लेकिन सरकार ने अब अपनी नौकरियों पर भी रोक लगा दी है। इस तरह से इस देश के युवा कहां जाएंगे? कहां नौकरियां मिलेंगी उन्हें? क्या करेंगे वो?’
शुक्ला के मुताबिक, सरकार ने सीएमआईई का डाटा जारी किया और उसमें उसने खुद स्वीकार किया कि किस तरह से 15 से 29 साल के आयु वर्ग में 17.8 प्रतिशत नौकरियां चली गईं और इसके अलावा 20 अगस्त तक 1.89 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।
शुक्ला ने कहा कि ‘कांग्रेस पार्टी ये मांग करती है कि सरकारी नौकरियों को ठप करने का जो सरकार का आदेश है, उसे तत्काल वापस लिया जाए और ज्यादा से ज्यादा नौकरियों सृजित करने पर जोर दिया जाए।’
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को भी राहुल ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधा था। शुक्रवार को राहुल गांधी ने बेरोजगारी की स्थिति और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) तथा कुछ अन्य परीक्षाओं के परिणाम में कथित विलंब को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सरकार को युवाओं के रोजगार से जुड़ी इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया था कि ‘मोदी सरकार, रोजगार, बहाली, परीक्षा के परिणाम दो, देश के युवाओं की समस्या का समाधान दो।’