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Rafale in India Live Updates: अंबाला एयरबेस पहुंचे राफेल विमान, वाटर सैल्यूट से हुआ शानदार स्वागत

Wed, 29 Jul 2020 06:19 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 29 Jul 2020 06:19 PM IST
खास बातें

चीन के साथ विवाद के बीच भारत की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप अंबाला एयरबेस पहुंच गई है। इन्हें रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत बताया। साथ ही उन्होंने भारतीय वायुसेना को इसके लिए बधाई दी। यहां पढ़ें सभी अपडेट्स-

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Rafale Fighter Jets In India Live Updates News In Hindi Indian Air Force Ambala Air Base section 144 rks bhadauria
अंबाला में लैंड करता राफेल विमान - फोटो : Twitter

लाइव अपडेट

06:17 PM, 29-Jul-2020

वायुसेना प्रमुख ने किया पायलटों का स्वागत

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने फ्रांस से राफेल विमान उड़ाकर लाने वाले पायलटों का स्वागत किया। 


 
05:52 PM, 29-Jul-2020

वाटर सैल्यूट देकर स्वागत

राफेल विमानों के एयरबेस पर उतरने के बाद वाटर सैल्यूट देकर स्वागत किया गया। इस दौरान वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया सहित वायुसेना के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।



 
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05:40 PM, 29-Jul-2020

22 साल बाद भारत को 5 नए लड़ाकू विमान मिले

बता दें कि अंबाला एयरबेस पर राफेल की अगवानी वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदाैरिया समेत वेस्टर्न एयर कमांड के कई अधिकारियों ने की। 22 साल बाद भारत को 5 नए लड़ाकू विमान मिले हैं। इससे पहले 1997 में भारत को रूस से सुखोई मिले थे।
 

05:31 PM, 29-Jul-2020

महिलाओं और दिव्यांगों का खास योगदान रहा है

दुनिया में अपनी लड़ाकू क्षमता का लोहा मनवाने वाला 'राफेल' आज भारत पहुंच गया है। इस हवाई जहाज को बनाने में महिलाओं और दिव्यांगों का खास योगदान रहा है। फ्रांस की कंपनी 'डसॉल्ट एविएशन' ने इन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका दिया है।

 
05:16 PM, 29-Jul-2020

इन दो विंग कमांडरों ने बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान

फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप के पांच विमान आज अंबाला के वायुसेना एयरबेस पहुंच गए। देशभर के लोगों की निगाहें आज राफेल पर टिकी हुई थीं। हर देशवासी इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर गौरव की अनुभूति कर रहा है। राफेल के आगमन को लेकर देशभर के लोग तो उत्साहित हैं ही, लेकिन उत्तर प्रदेश का सिर गौरव से ऊंचा हो गया है। इसका कारण है राफेल को उड़ाकर भारत लाने वाले प्रदेश के दो जांबाज बेटे। राफेल को उड़ा कर भारत लाने वाली टीम में उत्तर प्रदेश के दो विंग कमांडर मनीष सिंह और अभिषेक त्रिपाठी भी शामिल हैं। राफेल के आने की तारीख की जानकारी होने के बाद से ही दोनों विंग कमांडर के गांवों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी।

 
04:45 PM, 29-Jul-2020

'राष्ट्र की रक्षा से बड़ा कोई पुण्य नहीं....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन राफेल विमानों का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, 'राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च। नभः स्पृशं दीप्तम्... स्वागतम्!' इसका मतलब है 'राष्ट्र की रक्षा से बड़ा न कोई पुण्य है, कोई न व्रत है और न ही कोई यज्ञ है। आकाश को स्पर्श करने वाले... स्वागत है।' 

 
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04:43 PM, 29-Jul-2020

पीएम मोदी ने किया स्वागत

फ्रांस से सात हजार किलोमीटर का हवाई सफर तय करने के बाद पांच राफेल विमानों का बेड़ा आज भारत की सरजमीं पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विमानों का स्वागत संस्कृत के एक श्लोक से किया। 
 
04:18 PM, 29-Jul-2020

गोल्डेन एरो का स्वागत है

भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इनकी तस्वीरों को भी शेयर किया। वायु सेना ने अपने ट्वीट में लिखा, गोल्डेन एरो का स्वागत है। राफेल विमानों का सुखोई ने स्वागत किया। बता दें कि राफेल विमानों के बेड़े को वायु सेना ने 'गोल्डेन एरो' नाम दिया है। 
 
04:13 PM, 29-Jul-2020

दो सुखोई 30 एमकेआई ने अपने घेरे में लिया

फ्रांस से सात हजार किलोमीटर का हवाई सफर तय करके पांच राफेल विमान बुधवार की दोपहर तीन बजे अंबाला एयरबेस पहुंच गए। भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद राफेल विमानों को दो सुखोई 30 एमकेआई ने अपने घेरे में ले लिया और इन्हें अंबाला एयरबेस तक लेकर आए। 

 
03:54 PM, 29-Jul-2020

वायुसेना की लड़ाकू क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था राफेल सौदा

राफेल सौदे को वायुसेना की लड़ाकू क्षमताओं में आ रही कमी को ध्यान में रखते हुए किया गया था। बता दें कि, चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़ने के लिए 42 से ज्यादा यूनिट्स की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन वायुसेना की यूनिट्स घटकर 31 हो गई थी।
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