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Air Force Day 2020: वायुसेना दिवस परेड में शामिल होगा राफेल, सुखोई-तेजस संग दिखाएगा हवाई करतब
Mon, 05 Oct 2020 12:24 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:24 PM IST
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Rafale jet
- फोटो : पीटीआई
भारतीय वायुसेना में शामिल हुए राफेल लड़ाकू विमान इस साल होने वाले वायुसेना दिवस परेड के दौरान जगुआर के साथ मिलकर 'विजय' फार्मेशन में उड़ान भरेगा। इसके बाद राफेल सुखोई-30 एमकेआई और तेजस लड़ाकू विमान के साथ मिलकर 'ट्रांसफार्मर' फार्मेशन में उड़ान भरेगा। भारतीय वायुसेना ने इसकी जानकारी दी है।
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वायुसेना ने बताया कि इस वर्ष वायुसेना दिवस परेड के दौरान 19 हेलीकॉप्टरों के साथ 19 लड़ाकू और 7 परिवहन विमान सहित 56 विमान हवाई प्रदर्शन में भाग लेंगे। बता दें कि भारतीय वायुसेना आठ अक्तूबर, 2020 को अपनी 88वीं वर्षगांठ पूरे गर्व से मनाएगी।
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वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा, राफेल विमानों का एकीकरण एक ऐसा प्लेटफॉर्म देता है, जो आगे का रास्ता है। राफेल विमान हमें पहले और गंभीर हमले की बढ़त और क्षमता देगा। उन्होंने कहा कि वायुसेना में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।
भारतीय वायुसेना के इस खास अवसर पर हिंडन (गाजियाबाद) स्थित वायु सैनिक अड्डे पर वायुसेना दिवस परेड एवं अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दिन राफेल लड़ाकू विमान वायुसेना की परेड में हिस्सा लेंगे। पांच राफेल लड़ाकू विमानों को आधिकारिक रूप से 10 सितंबर को अंबाला (हरियाणा) में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, राफेल 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, ट्विन-इंजन ओम्नीरोल, एयर वर्चस्व, अंतर्विरोध, हवाई टोही, जमीनी समर्थन, गहराई में प्रहार, जहाज-रोधी और परमाणु निवारक लड़ाकू विमान, हथियारों की एक विस्तृत श्रृंखला से लैस है।
बता दें कि 29 जुलाई को फ्रांस से पांच राफेल विमान भारत आए थे। भारतीय वायुसेना में राफेल के शामिल होने से सबसे ज्यादा चिंता हमारे पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन को ही हो रही है। दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक राफेल भारतीय सेना की ताकत को मजबूत करेंगे।
चीन के साथ जारी तनाव के बीच राफेल का भारत आना महत्वपूर्ण है। यह बहुप्रतीक्षित विमान चीन और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों से हर स्तर पर बेहतर हैं। राफेल विमान पहले ही लद्दाख क्षेत्र में उड़ान भर चुके हैं और उन इलाकों से वाकिफ हो चुके हैं, जहां राफेल विमानों को उड़ाया जाना है। राफेल विमानों में तीन सिंगल सीटर और दो डबल सीटर की उपलब्धता है।