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राहुल गांधी ने पीएम मोदी को बताया 'कमांडर इन थीफ', फ्रांसीसी पत्रकार का वीडियो किया शेयर

Mon, 24 Sep 2018 02:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Sep 2018 02:39 PM IST
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Rafale Deal: Rahul Gandhi alleged PM Narendra Modi and called him Commander in Thief
राहुल गांधी

राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा को कठघरे में खड़ा कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर आक्रामक रुख अख्तियार किया हुआ है। सोशल मीडिया, प्रेस कांफ्रेंस, रैली हर प्लेटफॉर्म से उनके शब्दों के वार जारी हैं। इसी बीच एक बार फिर उन्होंने पीएम पर हमला करते हुए उन्हें 'कमांडर इन थीफ' यानि चोरों का कमांडर करार दिया है।

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राहुल गांधी ने आज अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें राफेल डील के बारे में बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहे शख्स का कहना है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांक्वा ओलांद का कहना था कि इस डील के लिए भारत सरकार ने अंबानी की कंपनी रिलायंस का नाम सुझाया था और उनके पास कोई विकल्प नहीं था। 
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वीडियो में नजर आ रहे शख्स ने कहा, 'ओलांद ने बताया कि हमारे पास इस मामले पर कहने के लिए कुछ नहीं था। भारत सरकार ने इस सेवा प्रदाता का नाम सुझाया था। इसके बाद दसॉल्ट ने अंबानी से बातचीत की। हमने उस वार्ताकार को चुना जिसका नाम हमें भारत सरकार ने सुझाया था।' वीडियो में पत्रकार फ्रांसीसी 'मीडियापार्ट’ वेबसाइट की रिपोर्ट का हवाला दे रहा है जिसमें ओलांद के हवाले से बयान जारी किया गया था।
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वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘यह कमांडर इन थीफ के बारे में दुखद सच है।’ वहीं नरेंद्र मोदी सरकार ने ओलांद के कथित बयान को खारिज करते हुए कहा है कि दसॉल्ट ने रिलायंस डिफेंस का चयन खुद किया और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। दरअसल, राहुल और कांग्रेस पिछले कई महीनों से आरोप लगाते आ रहे हैं कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में विमानों की दर को लेकर बनी सहमति की तुलना में बहुत अधिक है। इससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।


पार्टी ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे को बदलवाया और एचएएल से ठेका लेकर रिलायंस डिफेंस को दिया। रविवार को इस मामले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली खुलकर सामने आए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार कैग के सामने सारे तथ्य रखेगी। जिससे पता चल जाएगा कि एनडीए सरकार का सौदा अच्छा है या यूपीए का समझौता। उन्होंने यह भी कहा था कि कैग इसकी जांच करेगा लेकिन यह सौदा रद्द नहीं होगा।
 

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