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भंडाफोड़: रेल टिकटों की बुकिंग में फर्जीवाड़े का सच, ऐसे करते थे पैंतरेबाजी
Wed, 08 May 2019 12:24 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 08 May 2019 12:24 AM IST
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भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में आरक्षित टिकट पाने के लिए कैंसर पीड़ित के कोटे का दुरुपयोग हो रहा है। पश्चिमी रेलवे ने टिकटों की बुकिंग में धांधली करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसमें शामिल लोग रियायती दर पर कंफर्म टिकट हासिल करने के लिए कैंसर मरीजों के फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करते थे। बताते चलें कि रेलवे कैंसर मरीजों को टिकटों की बुकिंग पर ट्रेन के बेसिक किराये पर 50 से 100 फीसदी रियायत देता है।
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शिकायत मिलने पर सतर्कता विभाग की एक टीम मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर 74 फर्जी सर्टिफिकेट जब्त किए हैं। पश्चिमी रेलवे के पीआरओ रविंदर भाकर ने बताया कि टीम स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में फॉर्म लेकर घूमता हुआ नजर आया। इसके बाद उसे पकड़ने की कवायद शुरू हुई, लेकिन उस व्यक्ति को शक हुआ और वह फॉर्म छोड़कर भाग गया।
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फर्जी सर्टिफिकेट पर जिन डॉक्टरों के हस्ताक्षर थे, उनसे पूछताछ की गई। हालांकि, डॉक्टरों ने इस फर्जीवाड़े में अपनी भूमिका से इनकार किया है। भाकर के मुताबिक, 4 मई को जबलपुर स्टेशन पर एक व्यक्ति को यात्रा के बीच में ट्रेन से उतारा गया। वह कैंसर मरीज के फर्जी फॉर्म पर यात्रा कर रहा था।
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