MEA: हिरोशिमा में हो सकती है क्वाड लीडर्स समिट; तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के लिए US के साथ वार्ता जारी
विनय क्वात्रा ने बताया कि क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए सभी चार नेताओं द्वारा कोशिश की जा रही है कि सम्मेलन हिरोशिमा में ही हो जाए। यदि क्वाड शिखर सम्मेलन यहां समय पर आयोजित किया जा सकता है तो पिछले क्वाड शिखर सम्मेलन में जिस एजेंडे पर नेताओं ने सहमति व्यक्त की थी, उस पर हिरोशिमा में चर्चा की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात देशों के समूह (जी 7) सहित बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को तीन देशों - जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की छह दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जापानी प्रेसीडेंसी के तहत G7 उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधान मंत्री पहली बार 19 से 21 मई तक जापान में हिरोशिमा जाएंगे। वह जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर जापान जा रहे हैं। सबसे पहले, पीएम मोदी जापान में जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं, जहां से वह पापुआ न्यू गिनी जाएंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की यह पहली यात्रा होगी।
सात देशों के समूह जी-7 देशों के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल सुबह(19 मई) को जापान के हिरोशिमा के लिए रवाना होंगे। वह G-7 समिट में अतिथि देश के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि जापान के साथ ही वे पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की भी यात्रा करेंगे। विदेश सचिव के मुताबिक, प्रधानमंत्री की यह तीन देशों की यात्रा छह दिवसीय होगी। पीएम के दौरे के अलावा विनय क्वात्रा ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण और रूस यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को एक बार फिर प्रदर्शित किया।
पहली बार हिरोशिमा जाएंगे पीएम मोदी
जी-7 देशों के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री के साथ भी मुलाकात करेंगे। साथ ही वे हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की पहली बार 19 से 21 मई तक जापान के हिरोशिमा जाएंगे।
किसी भी भारतीय पीएम की पहली पापुआ न्यू गिनी यात्रा
विनय क्वात्रा ने बताया कि जापान के बाद वह पापुआ न्यू गिनी जाएंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की यह पहली यात्रा होगी। वह पापुआ न्यू गिनी में फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारपे के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
हिरोशिमा में ही हो सकता है क्वाड लीडर्स समिट
अपनी यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के सिडनी जाएंगे। यहां वह ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीस के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि पहले क्वाड लीडर्स समिट सिडनी मे होनी थी, जिसमें पीएम मोदी को शामिल होना था, लेकिन बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा वाशिंगटन में ऋण सीमा वार्ता पर फोकस करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा स्थगित करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री अल्बनीज ने क्वाड को रद्द करने की घोषणा की। विनय क्वात्रा ने बताया कि क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए सभी चार नेताओं द्वारा कोशिश की जा रही है कि सम्मेलन हिरोशिमा में ही हो जाए। यदि क्वाड शिखर सम्मेलन यहां समय पर आयोजित किया जा सकता है तो पिछले क्वाड शिखर सम्मेलन में जिस एजेंडे पर नेताओं ने सहमति व्यक्त की थी, उस पर हिरोशिमा में चर्चा की जाएगी। क्वात्रा ने कहा कि स्थान परिवर्तन है, लेकिन सहयोग की पृष्ठभूमि और विशिष्ट पहलू नहीं बदलेंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर हम अपनी स्थिति बयां कर चुके- विदेश सचिव
डेली ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के स्टैंड को एक बार फिर बताया। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष पर हमारी स्थिति प्रेस ब्रीफिंग और उससे इतर भी कई बार दोहराई गई है। पीएम ने यह भी कहा है कि वह खुद मानते हैं कि इस संघर्ष के समाधान के लिए आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। समरकंद में रूसी राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है और संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना है।
तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर विदेश सचिव की प्रतिक्रिया
तहव्वुर राणा के शीघ्र प्रत्यर्पण के मामले पर भी विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं कि तहव्वुर राणा का शीघ्र और शीघ्र प्रत्यर्पण हो। हम सभी ने वह निर्णय देखा है जो वहां की स्थानीय अमेरिकी अदालत द्वारा दिया गया था। अमेरिकी पक्ष के साथ हमारी बातचीत जारी है।