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हिंद-प्रशांत क्षेत्र मामला: चीन की खतरनाक उपस्थिति की वजह से साथ आए क्वाड देश
Sun, 20 Jun 2021 02:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 20 Jun 2021 02:38 AM IST
सार
शिंजो आबे के पूर्व सलाहकार ने कहा, दुनिया में सबसे ज्यादा हथियारों का जखीरा बनाने का इच्छुक है चीन
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- फोटो : PTI
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विस्तार
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के विशेष सलाहकार रह चुके तोमोहिको तानीगुची ने कहा है कि क्षेत्र में चीन की खतरनाक उपस्थिति की वजह से क्वाड देश (अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत) साथ आए। चीन इस वक्त अमेरिका के साथ सैन्य तकनीक के अलावा सेमीकंडक्टर, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और गहरे अंतरिक्ष में खोज अभियानों में होड़ कर रहा है।
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ग्लोबल पॉलिसी इनसाइट्स विषय पर आयोजित वर्चुअल समारोह में तोमोहिको ने कहा, 2049 चीन के लिए सबसे महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि इस साल चीन अपनी स्थापना के 100 साल मनाएगा। चीन अमेरिका से बढ़त बनाना चाहता है। वह अमेरिका को पछाड़कर वैश्विक ताकत बनना चाहता है और ज्यादा ताकतवर सैन्य हथियारों का जखीरा विकसित करने की फिराक में है।
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तोमोहिको ने कहा, हमारे पास 2021 से 2049 के बीच का ही वक्त है। इस दौरान चीन के नेता अपने देश को दुनिया की महाशक्ति बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में अमेरिका को आगे आकर क्वाड के बाकी देशों भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तालमेल बढ़ाना होगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त और खुला क्षेत्र बनाने की कोशिश करनी होगी।
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