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QUAD देशों के बीच आज होगी तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक, चीन को घेरने पर बनेगी रणनीति

Thu, 18 Feb 2021 07:37 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 18 Feb 2021 07:37 AM IST
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Quad 3rd ministerial meeting today to discuss work towards inclusive Indo Pacific
Quad nations - फोटो : Self

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करने के मकसद से चतुष्कोणीय गठबंधन देश (क्वाड) के विदेश मंत्री आज (18 फरवरी) तीसरी मंत्रिस्तरीय वर्चुअल बैठक  करने जा रहे हैं। ‘क्वाड’ नाम के इस चतुर्भुजीय संगठन में हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के चार देश भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन इस बैठक में शामिल होंगे।

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यह बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित की जा रही है। साथ ही विशेष रूप से इस बैठक में भारत-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए रखने की दिशा में सहयोग पर चर्चा होगी।

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विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान और अमेरिका के इस तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में संबंधित देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे। बयान में कहा गया है कि 'चारों देशों के विदेश मंत्री भारत-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी बनाए रखने की दिशा में सहयोग के लिए व्यावहारिक विचारों को आदान-प्रदान करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर पर भी चर्चा होगी। '
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इसके साथ ही बयान में कहा गया है कि 'क्वाड' नेता वैश्विक जलवायु परिवर्तन और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर बातचीत करते हुए कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी चर्चा करेंगे। कहा जा रहा है कि इस बैठक में पिछले साल 6 अक्तूबर को टोक्यो में आयोजित बैठक में साझा किए गए विचारों की निरंतरता शामिल होगी।

'क्वाड' के पहल से चीन की आर्थिक जबरदस्ती की रणनीति और जापान और अन्य सहयोगियों के साथ सहयोग को समाप्त करने की मंशा पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में चीनी के विकास में सहायक लोगों की और इसके आधिपत्य की जांच की जाएगी।

चीन का दबदबा कम करने की कोशिश
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को देखते हुए अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाया है। इसमें कानून के शासन का पालन करने समेत समुद्र और आसमान में आवाजाही की स्वतंत्रता तथा विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा शामिल है, ताकि चीन का क्षेत्र में बढ़ता दबदबा कम हो सके।


बता दें कि पहली बार 'क्वाड' फ्रेमवर्क के तहत चार देशों के विदेश मंत्रियों ने 2019 में न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी। इसके बाद दूसरी बैठक 6 अक्तूबर 2020 को टोक्यो में हुई थी। उस वक्त अमेरिका के तत्कालीन विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री ने कहा था कि 'इतने सारे क्षेत्रों में हमारी साझेदारी की प्रगति को देखकर प्रसन्नता हुई। भारत-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करेंगे।' 

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