ओडिशा : दुश्मनों का वार पल भर में होगा धाराशायी, भारतीय सेना ने किया QRSAM मिसाइल का छठा सफल परीक्षण
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक निशाना लगाने के साथ टारगेट को तय समय में मार गिराया। DRDO ने QRSM मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर रेंज में किया है।
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डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और भारतीय सेना ने आज सतह से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल प्रणाली QRSAM का छठा सफल परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक निशाना लगाने के साथ टारगेट को तय समय में मार गिराया। DRDO ने QRSM मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर रेंज में किया है। यह मिसाइल 3 किलोमीटर से लेकर 30 किलोमीटर तक की रेंज में आने वाले दुश्मन की मिसाइलों, विमानों, हेलिकॉप्टरों और ड्रोन्स को नष्ट कर सकता है।
#WATCH | DRDO & Indian Army have successfully completed 6 flight tests of Quick Reaction Surface to Air Missile (QRSAM) system from Integrated Test Range (ITR) Chandipur, off the Odisha Coast. The flight tests have been conducted as part of evaluation trials by Indian Army: DRDO pic.twitter.com/IB5eF23jkC
— ANI (@ANI) September 8, 2022विज्ञापन
QRSM मिसाइल की खूबियां
- इस मिसाइल की लंबाई 98 फीट है
- ये मिसाइल 5758 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दुश्मन की तरफ बढ़ती है
- दुश्मन को बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा
- यह किसी भी मौसम और किसी भी जगह से दागी जा सकती है
- दुश्मन इसके कम्यूनिकेशन सिस्टम को बाधित नहीं कर सकते हैं
- इसमें दुश्मन के राडार को फेल करने की क्षमता
- एक बार टारगेट लॉक हो जाए तो उसे कोई नहीं बचा सकता
इस मिसाइल प्रणाली में सभी स्वदेशी उपकरण: डीआरडीओ
डीआरडीओ ने अपने बयान में कहा कि इन परीक्षणों के दौरान मिशन के सभी लक्ष्यों को हासिल किया गया तथा वॉरहेड चेन समेत अत्याधुनिक निर्देशन और नियंत्रण एल्गोरिदम के साथ हथियार प्रणाली सटीकता से स्थापित की गई। इसके अलावा एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा स्थापित टेलीमीट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम्स (ईओटीएस) जैसे कई उपकरणों द्वारा लिए गए आंकड़ों से इस प्रणाली के प्रदर्शन की पुष्टि की गई। इस मिसाइल प्रणाली में सभी स्वदेशी उपकरण लगे हैं, जिसमें स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी वाली मिसाइल, सचल लॉन्चर, पूरी तरह स्वचालित कमान एवं नियंत्रण प्रणाली तथा निगरानी रडार शामिल हैं।