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Assam: यूएसटीएम के कुलाधिपति महबूब-उल हक गिरफ्तार, छात्रों को धोखाधड़ी से ज्यादा अंक दिलाने के आरोप में फंसे

Sat, 22 Feb 2025 11:44 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 22 Feb 2025 11:44 PM IST
सार

मेडिकल, इंजीनियरिंग के प्रवेश परीक्षाओं में और सीबीएसई परीक्षा में ज्यादा अंक का झूठा वादा करने के आरोप में यूएसटीएम के कुलाधिपति महबूब-उल हक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में असम के सीएम ने आरोपी हक को बड़ा धोखेबाज बताते हुए कई सारे आरोप लगाएं है। 

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Pvt varsity chancellor arrested, Himanta claims he promised students high score through 'fraud' News In Hindi
हथकड़ी, arrest - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

असम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूएसटीएम) मेघालय के कुलाधिपति महबूब-उल हक को शनिवार तड़के गुवाहाटी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, हक पर आरोप है कि वह एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा थे, जो छात्रों को ज्यादा अंक दिलाने का झूठा वादा करता था। साथ ही इस मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भी बयान दिया और हक को दोषी ठहराया।

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सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने लगाए आरोप
सीएम सरमा ने ने कहा कि आरोपी कुलाधिपति छात्रों से वादा करता था कि वे उन्हें मेडिकल, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में और सीबीएसई परीक्षा में ज्यादा अंक दिलाएंगे। इसके लिए छात्रों को विशेष स्कूलों में परीक्षा केंद्र बदलने का आश्वासन दिया जाता था। सरमा ने कहा कि खासकर ग्वालपाड़ा, नागांव और कामरूप जिलों के 200 से अधिक छात्रों को श्रीभूमि जिले के पथकरंडी स्थित एक परीक्षा केंद्र पर ले जाया गया था। इस दौरान जब परीक्षा के दौरान छात्रों को कोई सहारा नहीं मिला, तो उन्होंने विरोध किया, जिससे यह मामला उजागर हुआ।

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पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हक को श्रीभूमि जिला पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया। उन्हें तुरंत श्रीभूमि ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया कि हक और उनका नेटवर्क सीबीएसई परीक्षा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह धोखाधड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं तक फैल चुकी थी।

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सरमा ने हक को बताया बड़ा धोखेबाज
शर्मा ने हक को एक बड़ा धोखेबाज बताया और आरोप लगाया कि हक कुछ बुद्धिजीवियों को अपने प्रभाव में लाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि असम में शिक्षा के क्षेत्र में कोई भी धोखाधड़ी न हो और इसे पूरी तरह से रोका जाएगा।

गौरतलब है कि महबूब-उल हक पिछले साल अपने ओबीसी प्रमाण पत्र को लेकर भी विवादों में थे। उन्होंने 1990 के दशक में श्रीभूमि जिले से कथित तौर पर धोखाधड़ी से ओबीसी प्रमाण पत्र हासिल किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस पर जांच की बात कही थी। बाद में उस प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया था।

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