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Karnataka: खरगे पर भाजपा नेता की टिप्पणी पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया; अशोकनगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज

Wed, 02 Aug 2023 08:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 02 Aug 2023 08:01 PM IST
सार

Karnataka: कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर पार्टी के पुराने नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मामले में अरागा ज्ञानेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर कलबुर्गी के अशोकनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।

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Purported objectionable comments by senior BJP leader on Kharge evokes sharp reax from Congress
Mallikarjun Kharge (File) - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर पार्टी के पुराने नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने एक अगस्त को शिवमोगा के तीर्थहल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान खरगे के रंग और क्षेत्र के लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। मामले में अरागा ज्ञानेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर कलबुर्गी के अशोकनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।

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दरअसल, वन मंत्री ईश्वर खांडरे ने कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के क्रियान्वयन को लेकर बयान दिया था। इसको लेकर निशाना साधते हुए ज्ञानेंद्र ने कहा था कि क्षेत्र के वे लोग जो पेड़ों, पौधों या छाया के बारे में शायद ही कुछ जानते हैं, वे उन फैसलों के बारे में बोल रहे हैं जो पश्चिमी घाट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को वरिष्ठ भाजपा विधायक के खिलाफ शहर में प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की, जबकि पार्टी नेताओं ने उनकी मानसिक फिटनेस पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा।

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एक सभा को संबोधित करते हुए ज्ञानेंद्र ने कहा था, '... सरकार को (कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के कार्यान्वयन के संबंध में) अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। यह हमारा दुर्भाग्य है कि वन मंत्री उस क्षेत्र (कल्याण-कर्नाटक) से हैं, जहां वन नहीं है। उन्हें नहीं पता कि कौन सा पौधा, पेड़ या उसकी छाया है, चिलचिलाती गर्मी में वहां के लोग काले (अंधेरे) हो जाते हैं, यह हम अपने खरगे को देखकर जानेंगे।'

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ज्ञानेंद्र पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तंज कसते हुए कहा, 'बेंगलुरु में निमहांस (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान) है जिसमें प्रथम श्रेणी की सुविधा है, हम उन्हें वहां भेजने की व्यवस्था करेंगे।' मंत्री खांडरे ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री होने के नाते ज्ञानेंद्र ने ऐसा 'नीच बयान' दिया है, जो न केवल कल्याण कर्नाटक के लोगों का अपमान है, बल्कि पूरे राज्य का अपमान है। उन्होंने कहा, 'खरगे एक राष्ट्रीय नेता हैं, जिनका पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सम्मान किया जाता है। वह (ज्ञानेंद्र) इस तरह के बयान देकर अपना दिमाग खो चुके हैं। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और अगर भाजपा में जरा भी नैतिकता है तो उसे उन्हें निष्कासित कर देना चाहिए।'

हालांकि, इस मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद ज्ञानेंद्र ने आज स्पष्ट किया कि उन्होंने खरगे के बारे में कभी नहीं बोला लेकिन अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वह खेद प्रकट करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ नहीं बोला, मुझे नहीं लगता कि मैं उनकी आलोचना करने के लिए पर्याप्त बड़ा हूं। मैं हमेशा उनकी वरिष्ठता और अनुभव के लिए सम्मान के साथ बोलता हूं। मेरा इरादा खरगे को आहत करने का नहीं था। मैंने मीडिया में प्रतिक्रियाएं देखी हैं। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था, लेकिन अगर किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।'
 

मंत्री खांडरे के हवाले से हाल ही में कहा गया था कि राज्य सरकार पश्चिमी घाट में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने पर कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
 

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम पर साधा निशाना
वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक के शासन के मॉडल की पूरे देश को जरूरत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गारंटी योजनाओं का विरोध करने से पहले उनके और भाजपा के रुख को स्पष्ट रूप से बताएं। केंद्र और पार्टी शासित कुछ राज्यों में भाजपा सरकार द्वारा घोषित कुछ 'मुफ्त योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विरोधाभास के बारे में प्रधानमंत्री से सवाल किया।
 

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पुणे में पीएम मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिलसिलेवार ट्वीट में यह बात कही, जिसमें उन्होंने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर स्वार्थी हितों के लिए राज्य के खजाने को खाली करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में जहां कांग्रेस मई में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के बाद करीब तीन महीने पहले सत्ता में आई थी, वहां सिद्धरमैया सरकार ने स्वीकार किया है कि राज्य का खजाना खाली है और विकास के लिए धन नहीं है।
 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकलुभावन घोषणाएं करके दक्षिणी राज्य में सत्ता में आने में कामयाब रही, लेकिन इस प्रक्रिया में उसने लोगों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। सिद्धारमैया ने ट्वीट किया, 'कर्नाटक में गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन के कारण कर्नाटक की वित्तीय स्थिति के बारे में चिंता जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। कृपया यह स्पष्ट करें कि क्या यह आपकी व्यक्तिगत राय है या भारत के प्रधानमंत्री के रूप में राय है, या आपकी पार्टी की राय है? 
 

उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया, 'कृपया गारंटी योजनाओं का विरोध करने से पहले उनके बारे में अपना और अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट रूप से बताएं।' उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वह कर्नाटक भाजपा के नेताओं को कांग्रेस की गारंटी योजनाओं का भी सार्वजनिक रूप से विरोध करने का निर्देश दें।

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