पंजाब के राज्यपाल भी साधेंगे बंदूक से ‘सोने के पदक’ पर निशाना
भारतीय राजनयिकों का शूटिंग (निशानेबाजी) के खेल से पुराना रिश्ता है। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ओलंपिक पदक विजेता रह चुके हैं तो एक अन्य केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह और पूर्व सांसद नवीन जिंदल का भी निशानेबाजी प्रेम छिपा हुआ नहीं है। अब इस सूची में एक नया नाम पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर का जुड़ेगा।
बदनौर भोपाल में रविवार से शुरू हुई 28वीं जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप की ट्रैप स्पर्द्धा में हाथ आजमाने जा रहे हैं। ये देश की दूसरे नंबर की निशानेबाजी प्रतियोगिता है, जिसके 70 साल से ज्यादा आयु वर्ग में बाडनोर अपनी चुनौती पेश करेंगे। राठौड़ और राव इंदरजीत ने मंत्री पद पर रहते हुए कभी किसी शूटिंग कॉम्पिटीशन में भागीदारी नहीं की, ऐसे में वीपी सिंह सांविधानिक पद पर रहते हुए निशानेबाजी का पदक जीतने वाले संभवत: पहले व्यक्ति बन सकते हैं।
खेल सकते हैं नेशनल चैंपियनशिप
70 वर्षीय राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के प्रैक्टिस में अच्छे स्कोर को देखते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में खेलने की अनुमति दी है। अगर राज्यपाल ने चैंपियनशिप में अच्छा स्कोर किया तो वह नेशनल चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफाई कर सकते हैं।
सिद्धू से ले रहे हैं ट्रेनिंग
राज्यपाल पिछले एक माह से इस चैंपियनशिप के लिए पटियाला की मोतीबाग शूटिंग रेंज में तैयारियां कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें कोचिंग देने का काम भारतीय जूनियर शॉटगन टीम के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू कर रहे हैं।
सिद्धू के मुताबिक, भीलवाड़ा राजघराने से आने वाले राज्यपाल लंबे अरसे से शौकिया शूटिंग कर रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपने शौक को राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग कॉम्पिटीशन में आजमाने का फैसला लिया है।
सिद्धू बताते हैं कि राज्यपाल की चैंपियनशिप के लिए तैयारियों और प्रैक्टिस में दिखाए प्रदर्शन से वह संतुष्ट है। सिद्धू राज्यपाल के साथ चैंपियनशिप के दौरान मौजूद रहने के लिए भोपाल पहुंच चुके हैं।