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अमृतसर ईस्ट में गुरु-चेले में जंग, सिद्धु के लिए प्रतिष्ठा बनी सीट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jan 2017 06:30 PM IST
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नवजोत सिंह सिद्धू
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अमृतसर ईस्ट से इस बार कांग्रेस में शामिल हुए सेलेब्रिटी नवजोत सिद्धू चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए यह भी हॉट सीट बन गई है। अभी तक इस हलके का प्रतिनिधित्व उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू करती आई हैं। पर इस बार सिद्धू ने खुद पंजाब की सियासत में ताल ठोंकी। भाजपा ने उनके मुकाबले राजेश हनी को टिकट दिया है। जबकि, आम आदमी पार्टी ने सरबजोत सिंह धंजल को उम्मीदवार बनाया है।
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विधानसभा की इस सीट पर इस बार गुरु-चेले की लड़ाई है। कांग्रेस की टिकट पर नवजोत सिंह सिद्धू जहां चुनाव मैदान में हैं वहीं उनके सामने उनके शिष्य रहे जिला भाजपा प्रधान राजेश कुमार हनी है। पिछला चुनाव यहीं से नवजोत कौर सिद्धू ने लड़ा था। 33406 वोट मिली थी। आजाद रही सिमरप्रीत कौर 26307 वोट लेकर दूसरे नंबर पर थीं। कांग्रेस तीसरे नंबर पर थी।
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अब उसी क्षेत्र से नवजोत सिंह सिद्धू चुनाव लड़ रहे हैं। सिमरप्रीत कौर जिसने 2007 चुनाव में दूसरे नंबर पर थी, उनका परिवार बतौर कांग्रेसी सिद्धू के साथ पहली लाइन में चल रहे हैं। कांग्रेस के वो नेता बगावत के सुर में है जो खुद इस सीट से विधायक बनने के सपने देख रहे थे। आजाद तौर पर मंदीप मन्ना ने भी नामांकन भर दिया है। लड़ाई रोचक तो है लेकिन सिद्धू के जुमले का जवाब देने वाला ऐसा कोई नेता उनके सामने चुनाव नही लड़ रहा है। ईस्ट में मध्यमवर्गीय लोग रहते हैं। अधिकांश ऐसे परिवार हैं जो उत्तर प्रदेश व बिहार से रोजगार के लिए आए और यहीं के बाशिंदे हो गए। करीब 17 हजार ऐसे वोटर हैं जो किसी भी प्रत्याशी की हार-जीत का फैसला तय करते हैं।
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कांग्रेस की यह सेफ सीट मानी जाती है। कांग्रेस का इस सीट पर दबदबा रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने सुनील दत्ती को मैदान में उतारा था, जिसकी बगावत में सिमरप्रीत कौर (कांग्रेस को छोड़) आजाद लड़ी थी। इस बार सिमर के परिवार की प्रीत नवजोत सिंह सिद्धू के साथ है। मैडम नवजोत कौर सिद्धू ने भी इलाके में पिछले दो सालों में काफी काम करवाने में सफल रही हैं। जिसका लाभ उन्हें पार्टी बदलकर कितना मिलता है यह समय बताएगा।